शराब की खाली बोतलों से चूड़ियां बनाने की योजना अभी तक आसमान में, धरातल पर राह देख रहीं जीविका दीदी

बिहार सरकार का आदेश है कि शराब की बोतल को तोड़ कर सुरक्षित रख कर सीधे पटना भेजना है. पटना से शराब की बोतल को चूड़ी बनानी वाले कंपनी को भेजा जायेगा. लेकिन यहां बोतल को सुरक्षित नहीं सीधे जमीन में गाड़ दिया जा रहा है.

भागलपुर (सबौर): बिहार में पकड़ी गयी शराब की बोतलों से चूड़ियाें का निर्माण होना है, यह निर्णय राज्य सरकार ने लिया है लेकिन यह निर्णय धरातल पर उतर नहीं पा रहा है. अभी भी पकड़ी गयी शराब की बोतलें बड़े-बड़े गड्ढे में दफन कर दी जा रही है. इसका असर जीविका के उस कारोबार पर पड़ रहा है, जो अभी शुरू भी नहीं हो सका है. वहीं शराब की बोतल को पहुंचाने का दायित्व उत्पाद विभाग को है. इस विभाग का दावा है बोतल को एकत्र किया जा रहा है.

जमीन के अंदर दफन हुआ 600 बोतल

सबौर थाना समेत तीन थाना एवं उत्पाद विभाग ने मिलकर शराब विनष्टीकरण किया. इसमें सबौर, गोराडीह, हबीबपुर थाना पुलिस एवं उत्पाद विभाग ने जो शराब पकड़ी थी उसे यहां नष्ट किया गया. जेसीबी से बड़े-बड़े गड्ढे खोदे गये. इसके बाद 600 बोतल तोड़ इसमें दफन कर दिया गया.

बोतल को एकत्र कर भेजना था पटना

सरकार का आदेश है कि शराब की बोतल को तोड़ कर सुरक्षित रख कर सीधे पटना भेजना है. पटना से शराब की बोतल को चूड़ी बनानी वाले कंपनी को भेजा जायेगा. लेकिन यहां बोतल को सुरक्षित नहीं सीधे जमीन में गाड़ दिया जा रहा है.

कम है बोतल, इसलिए जमीन में गाड़ दिये

विनष्टीकर के दौरान तैनात उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर कहते हैं कि ज्यादा संख्या में बोतल होने के बाद उसे सुरक्षित रखा जाता है. इस बार बोतल की संख्या ज्यादा नहीं है इसलिए इसे जमीन के अंदर गाड़ दिया गया है. इन बोतलों को रखना भी आसान नहीं है.

सरकार के निर्देश के बाद शराब की बोतलों को सुरक्षित रखा जा रहा है. एक जगह एकत्र कर वाहन में भरकर बोतलों को सीधे पटना भेज दिया जायेगा- संजय कुमार, उत्पाद अधीक्षक, भागलपुर

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