Aurangabad News : जिले में अलग-अलग घटनाओं में विषैले सांप के डंसने से दो महिलाओं की मौत हो गयी. दोनों मामलों में सर्पदंश के बाद परिजन तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने में जुटे रहे. समय बीतने के बाद जब दोनों महिलाओं को अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी.
घर की सफाई के दौरान सांप ने डंसा
पहली घटना माली थाना क्षेत्र के चनौती गांव की है. बुधवार को घर की सफाई करने के दौरान 65 वर्षीय पार्वती देवी को सांप ने डंस लिया. सर्पदंश के बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय पहले झाड़-फूंक कराने ले गये. हालत बिगड़ने पर उन्हें नवीनगर रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. पार्वती देवी स्वर्गीय बलकेश्वर सिंह की पत्नी थीं. घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया.
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बेड पर सोने के दौरान महिला को सांप ने डंसा
दूसरी घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हेतमपुर गांव की है. यहां मायके में रह रही 42 वर्षीय सुगीया देवी को बेड पर सोने के दौरान सांप ने डंस लिया. सर्पदंश के बाद परिजन उन्हें पहले तांत्रिक के पास झाड़-फूंक कराने ले गये. रात गुजरने के बाद सुबह उनकी हालत बिगड़ी, तब उन्हें औरंगाबाद सदर अस्पताल लाया गया. इलाज के दौरान सुगीया देवी की मौत हो गयी. वह विषैनी गांव निवासी कारू पासवान की पत्नी थीं.
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सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक में न गंवाएं समय
सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक में समय गंवाना जानलेवा साबित हो सकता है. ऐसे मामलों में पीड़ित को बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल पहुंचाना जरूरी है. जिले में सामने आयी इन दोनों घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत को एक बार फिर उजागर किया है.
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