प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर देता है संविधान : प्रधान जिला जज

न्यायिक पदाधिकारियों, पैनल अधिवकतओं, पारा विधिक स्वयं सेवकों, न्यायालय कर्मियों व जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मियों को संविधान के प्रस्तावना का कराया गया पाठ

न्यायिक पदाधिकारियों, पैनल अधिवकतओं, पारा विधिक स्वयं सेवकों, न्यायालय कर्मियों व जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मियों को संविधान के प्रस्तावना का कराया गया पाठ

औरंगाबाद शहर. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नयी दिल्ली निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा संविधान दिवस मनाया गया, जिसमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राज कुमार सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी शामिल हुए. सबसे पहले न्यायिक पदाधिकारियों, पैनल अधिवकतओं, पारा विधिक स्वयं सेवकों, न्यायालय कर्मियों तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संबंधित कर्मियों को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा संविधान के प्रस्तावना का पाठ कराया गया. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि आज का दिन हमलोगों के लिए हमेशा खास रहा है क्योंकि आज ही के दिन संविधान को आत्मसात किया गया था. इस दिवस को सही मामले में तभी साकार किया जा सकता है जब संविधान में उपलब्ध कराये गये समस्त अधिकार आमलोगों एवं अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्तियों तक पहुंच जाए. इसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकार की भूमिका हाल के दिनों में बहुत ही महत्वपूर्ण रही है और आगे भी हम सभी को और प्रयास करनी चाहिए कि लोगों को उनके अधिकार एवं विधिक रूप से जागरूक करते हुए सशक्त बनाये एवं एक ऐसे समाज की स्थापना हो सके जिसमें समस्त व्यक्तियों को समानता एवं सौहार्द के वातावरण में खुशहाल जीवन प्राप्त हो. संविधान के प्रस्तावना ही इस बात का द्योतक है कि समाज में सभी को समान अधिकार एवं समान अवसर की परिकल्पना की गयी है और जरूरत इस बात की है कि जो जहां हो सके लोगों को उनके अधिकार के साथ-साथ उनके कर्तव्य की भी जानकारी रहे और भारतीय लोकतंत्र और संविधान अपने उद्देश्यों में पूर्ण रूप से सफल हो. इसी उद्देश्य से संविधान के निर्माताओं ने परिकल्पना की थी. इस मौके पर प्रधान न्यायाधीश परिवार अरूण कुमार, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश विश्व विभूति गुप्ता, आनंदिता सिंह, अशोक कुमार गुप्ता, लक्ष्मीकांत मिश्रा, निशित दयाल, कन्हैयालाल यादव, दिव्या वशिष्ठ, विवेक कुमार सिंह, मनीष जायसवाल, पंकज पांडेय, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ दीवान फहद खान, संदीप कुमार सिंह, न्यायिक दंडाधिकारी, प्रथम श्रेणी राजीव कुमार, शुभांकर शुक्ला एवं न्यायकर्ता शोभित सौरभ, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल सहित पैनल अधिवक्ताओं एवं कर्मी उपस्थित रहे. संविधान पाठ कराने के उपरांत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के साथ-साथ सभी न्यायिक पदाधिकारियों द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रकोष्ठ में न्याय जागृति लघु फिल्म महोत्सव के अंतर्गत चलचित्र को भी सामूहिक रूप से देखा गया.

15 दिवसीय न्याय जागृति लघु फिल्म महोत्सव शुरू : सचिव

प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने कहा कि संविधान दिवस पर 26 नवंबर से 10 दिसंबर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस तक 15 दिवसीय न्याय जागृति लघु फिल्म महोत्सव का शुभारंभ किया गया है. न्याय जागृति लघु फिल्म महोत्सव के अंतर्गत चलचित्र प्रतिदिन सुबह 11 बजे से 11:30 बजे तक देखा जा सकता है. इस महोत्सव के अंतर्गत अकेले नहीं हैं आप, संविधान, समझौता आदि विषयों पर लघु फिल्म के माध्यम से वादकारियों में जनजागृति लाना तथा न्याय तक सभी की पहुंच के लिए सुलभ मार्ग प्रशस्त करना है. सचिव ने न्यायालय आने वाले सभी वादकारियों से आह्वान किया कि निर्धारित तिथियों में आयोजित न्याय जागृति लघु फिल्म महोत्सव के अंतर्गत चलचित्र को आवश्यक रूप से देखें. इसके अलावा 13 दिसंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की गयी.

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