Aurangabad Teacher Suspended : औरंगाबाद स्कूल में पढ़ाई के समय छात्र-छात्राओं से अपना पैर दबवाने के आरोप में गोह के बख्तियार मध्य विद्यालय में पदस्थापित विशिष्ट शिक्षक अमित कुमार आनंद पर शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है. जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. उनके खिलाफ अनुशासनिक और विभागीय कार्यवाही भी शुरू कर दी गयी है.
छात्र-छात्राओं से पैर दबवाने से जुड़ी शिकायत को प्रभात खबर ने प्रमुखता से उठाया था. इसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच की और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ी.
ग्रामीणों और छात्रों की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
मामला तब सामने आया, जब ग्रामीण जनता, ग्राम पंचायत हसामपुर के मुखिया और छात्र-छात्राओं की ओर से संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित शिकायत गोह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के माध्यम से जिला शिक्षा विभाग को मिली. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बख्तियार मध्य विद्यालय में पदस्थापित विशिष्ट शिक्षक अमित कुमार आनंद विद्यालय अवधि में छात्र-छात्राओं से अपना पैर दबवाते थे.
शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू की. इसी क्रम में 15 सितंबर को विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया गया. जांच के दौरान शिक्षक अमित कुमार आनंद द्वारा लगाए गए आरोपों को स्वीकार किए जाने की बात जांच में सामने आयी.
जांच में प्रथम दृष्टया आरोप प्रमाणित
स्थलीय जांच के बाद शिक्षक के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की अनुशंसा की गयी. जांच प्रतिवेदन और संबंधित अभिलेखों की समीक्षा के बाद शिक्षा विभाग ने शिक्षक पर लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाया.
इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने अमित कुमार आनंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. साथ ही उन्हें अनुशासनिक एवं विभागीय कार्यवाही के अधीन कर दिया गया है.
विभागीय जांच के लिए अधिकारी नियुक्त
शिक्षक के खिलाफ गठित आरोपों की विस्तृत जांच के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (लेखा एवं योजना), औरंगाबाद को संचालन पदाधिकारी बनाया गया है. वहीं, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, गोह को उपस्थापन पदाधिकारी के रूप में प्राधिकृत किया गया है. अब विभागीय प्रक्रिया के तहत मामले की आगे जांच की जाएगी.
हसपुरा बीईओ कार्यालय होगा निलंबन अवधि का मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान अमित कुमार आनंद का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, हसपुरा के कार्यालय में निर्धारित किया गया है. इस अवधि में संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की ओर से प्राप्त अनुपस्थिति विवरणी के आधार पर उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा.
जिला प्रशासन ने कहा है कि विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, गरिमा और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है. छात्र-छात्राओं से अनुचित व्यवहार से जुड़ी शिकायतों पर नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
