Daudnagar Sub-divisional Hospital : औरंगाबाद के दाउदनगर अनुमंडलीय अस्पताल में पहली बार ऑर्थोपेडिक सर्जन की तैनाती हुई है. हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजय कुमार के योगदान के बाद सड़क हादसों में घायल मरीजों को शुरुआती विशेषज्ञ उपचार मिलने की उम्मीद बढ़ी है. वहीं सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में डॉ. विमलेंदु कुमार ने भी योगदान दिया है. हालांकि 32 स्वीकृत पदों के मुकाबले अस्पताल में अभी सिर्फ 14 चिकित्सक कार्यरत हैं.
पहली बार अस्पताल में उपलब्ध हुई ऑर्थोपेडिक सर्जन की सेवा
दाउदनगर अनुमंडलीय अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजय कुमार ने कुछ दिन पहले योगदान दिया है. उनकी पदस्थापना के साथ ही अस्पताल में पहली बार ऑर्थोपेडिक सर्जन की सेवा उपलब्ध हुई है. स्थानीय स्तर पर इसे अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं में महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है.
सड़क हादसे के मरीजों को रेफर करने की मजबूरी होगी कम
दाउदनगर एनएच-139 स्थित औरंगाबाद-पटना मुख्य मार्ग पर होने के कारण यहां सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं. दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को अब तक प्राथमिक उपचार के बाद हड्डी संबंधी विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध नहीं होने पर सदर अस्पताल औरंगाबाद या निजी अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था. ऑर्थोपेडिक सर्जन के योगदान के बाद ऐसे मरीजों को अस्पताल स्तर पर ही शुरुआती विशेषज्ञ उपचार मिलने की उम्मीद है. हालांकि गंभीर मामलों में रेफर की आवश्यकता बनी रह सकती है.
सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी के योगदान से भी राहत
अस्पताल में सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में डॉ. विमलेंदु कुमार की पदस्थापना हुई है. उन्होंने अस्पताल में योगदान दे दिया है. उनके आने से सामान्य रोगों के इलाज के लिए एक और चिकित्सक उपलब्ध हो गया है. इससे ओपीडी में आने वाले मरीजों को भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.
32 स्वीकृत पदों के मुकाबले सिर्फ 14 चिकित्सक
दो नए चिकित्सकों के योगदान के बाद अनुमंडलीय अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है. जबकि अस्पताल में चिकित्सकों के कुल 32 पद स्वीकृत हैं. इस हिसाब से अभी 18 पद रिक्त हैं. कई महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी भी बनी हुई है. ऐसे में दो चिकित्सकों की पदस्थापना से तत्काल राहत जरूर मिली है, लेकिन अस्पताल की पूरी क्षमता के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए और चिकित्सकों की जरूरत है.
रोजाना करीब 300 मरीज पहुंच रहे ओपीडी
अनुमंडलीय अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. यहां प्रतिदिन औसतन करीब 300 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. 20 से 30 अगस्त के बीच ही ओपीडी में करीब 2900 मरीजों का पंजीकरण हुआ और उनका इलाज किया गया. बढ़ती मरीजों की संख्या के बीच चिकित्सकों की कमी अस्पताल के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है.
विशेषज्ञ डॉक्टर बढ़ने से मरीजों को मिलेगी राहत
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ने से मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकती है. छोटी-बड़ी चिकित्सा समस्याओं के लिए उन्हें दूसरे अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा. ऑर्थोपेडिक सर्जन की पहली बार तैनाती को इसी दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति की जरूरत
दो नए चिकित्सकों की पदस्थापना से अस्पताल को तत्काल राहत मिली है, लेकिन 32 स्वीकृत पदों में से 18 पद अब भी खाली हैं. बढ़ती ओपीडी और सड़क हादसों के मामलों को देखते हुए स्थानीय स्तर पर शेष रिक्त पदों पर भी जल्द चिकित्सकों की नियुक्ति की जरूरत महसूस की जा रही है.
Also Read : औरंगाबाद : BDO के काफिले पर हमला, जदयू नेता को गाड़ी से खींचकर मारपीट का आरोप, गला दबाकर मारने की भी कोशिश
