बधार में लगी आग, दुधमी से सूही तक मची तबाही, दर्जनों किसानों की फसल और पुआल खाक

दो गांवों के तीन दर्जन से अधिक किसान के पुआल, पेड़- पौधे व गेहूं के बोझे जले

दो गांवों के तीन दर्जन से अधिक किसान के पुआल, पेड़- पौधे व गेहूं के बोझे जलेहवा के झोंकों ने भड़काई आग, महादलित बस्ती तक पहुंची लपटें

हार्वेस्टिंग के बाद अवशेष जलाने की चूक पड़ी भारी, पशु चारे का संकट

फोटो नंबर-15- पुआल की ढेर से उठती आग की लपटें

औरंगाबाद/ कुटुंबा

गर्मी बढ़ते ही जिले में आग लगी की घटना काफी बढ़ गयी है. अगलगी की अधिकतर घटनाएं खेत बाधार में हो रही हैं. इससे गेहूं व पुआल जल जाने के कारण किसानों को काफी नुकसान हो रहा है. अधिकतर घटनाएं एहतियात नहीं बरतने के कारण हो रही हैं. गुरुवार की दोपहर में दुधमी गांव के बधार में अचानक आग लग गयी. हाल में दुधमी गांव के किसानो ने गेहूं फसल की हार्वेस्टिंग करायी थी. आग की लपेटे इतनी तेज थी कि देखते-देखते रतभान से सुही गांव के बधार तक आग ने अपना विकराल रूप धारण कर लिया. आग की आगोश में बधार में रखे दर्जनों किसानों का पुआल व गेहूं के बोझे समा गये. पेड़-पौधे भी जल गये. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की शुरुआत दुधमी गांव के रतभान बधार से हुई. हालांकि, आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है. कुछ लोगों का मानना है कि किसी ने सिगरेट या गांजा पीकर उसका जलता अवशेष खेतों में फेंक दिया होगा. इससे आग भड़क उठी. वहीं, पीड़ित किसानों का कहना है कि हार्वेस्टिंग के बाद फसल के अवशेष जलाने के दौरान यह आग लगी होगी.

तेज हवा के कारण थोड़ी देर में फैल गयी आग

अचानक बधार से उठती आग की लपटों को देखकर ग्रामीण कुछ समझ पाते, उससे पहले ही जंगल की आग की तरह फैल गयी. तेज हवा के कारण आग ने तेजी से आसपास के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया. बढ़ती लपटों को देखकर किसान हतप्रभ रह गये और अपनी फसल को बचाने की कोशिश में जुट गये, लेकिन आग की तीव्रता के सामने उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए.इस दौरान सूही गांव के विजय सिंह संयोगवश झुलसने से बचे. खलिहान सुरक्षित करने निकले थे. इस बीच चारो तरफ से आग से घिर गये थे.

फायर ब्रिगेड की टीम को करना पड़ा काफी मशक्कत

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वार्ड सदस्य विनय कुमार सिंह और दुधमी के स्थानीय युवक रवींद्र कुमार ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी. अंबा और नवीनगर से फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण स्थापित करने में जुट गयी. तब तक तीन दर्जन से अधिक लोगों का बधार में रखे पुआल और गेहूं के बोझे जल चुके थे. अगलगी की घटना में किसान को लाखों रुपये की क्षति हुई है. खबर लिखे जाने तक फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में जुटी थी. घटना के दौरान माली थानाध्यक्ष दीपक कुमार सिंहा मौके पर पहुंचकर हर पल का जायजा लेते रहे.

बड़ा हादसा होने नहीं किया जा सकता था इंकार

अगलगी की घटना के दौरान संयोगवश एक बड़ा हादसा टल गया. माली थाना के दुधमी और कुटुंबा थाने के सूही गांव के बीच एक महादलित टोला है. यहां अधिकांश लोगों के फुसनुमा घर हैं. आग की लपेटे उनके अवासीय परिसर के करीब तक पहुंच गयी थी. इस बीच दुधमी के महादलित टोले के लोगों ने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया. उन्होंने समय रहते घर के आसपास पानी डालकर आग को गांव की ओर बढ़ने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. यदि आग बस्ती तक पहुंच जाती, तो झोपड़ीनुमा घरों के कारण पूरा गांव इसकी चपेट में आ सकता था. घटना के बाद ग्रामीण काफी चिंतित है. स्थानीय वार्ड सदस्य विनय सिंह रवींद्र कुमार, पूर्व मुखिया रमता प्रसाद सिंह, पूर्व पंसस नीकू देवी व अमित ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत और मुआवजे की मांग की है. इधर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट हुए पीड़ित किसानों को आर्थिक सहायता मुहैया करने की मांग की है.

अगलगी में इन लोगो को हुआ काफी नुकसान

अगलगी की घटना का अभी तक आकलन नहीं किया गया है. ऐसे मिली जानकारी के अनुसार, सूही गांव के विजय सिंह, अभिषेक सिंह, जीतेंद्र पासवान, विश्वकर्मा शर्मा, अनिरुद्ध ठाकुर, नंदकुमार शर्मा तथा दुधमी गांव निवासी पूर्व मुखिया रमता प्रसाद सिंह, लव कुमार सिंह, आत्मा कुमार सिंह, शंभू सिंह, अशोक यादव, मंजीत यादव, उमेश सिंह, गोपाल सिंह, अर्जुन सिंह व लालचंद राम आदि दर्जनों किसान के पुआल और गेंहू के बोझे जले है. सबसे अधिक नुकसान विजय सिंह को हुआ है. उनका बाग बगीचा जल गया है. यहीं नही अगलगी की घटना में बधार से गुजर रहा बिजली का तार भी जल गया है. विदित हो कि दो दिन पूर्व किसानो ने हार्वेस्टिंग करा ली थी. जिन किसानो ने मजदूर से खुद से या खुद कटनी कर थ्रेसिंग के लिए बधार में गेंहू का बोझा रखा था उनको अधिक नुकसान हुआ है.

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By SUJIT KUMAR

SUJIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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