औरंगाबाद में 8 से 14 सितंबर तक होगा सात दिवसीय हिंदी महोत्सव, विभिन्न कार्यक्रमों का होगा आयोजन

Aurangabad News : औरंगाबाद में 8 से 14 सितंबर तक सात दिवसीय हिंदी महोत्सव आयोजित होगा. इसमें विभिन्न प्रतियोगिताएं, कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल किए जाएंगे.

Aurangabad News : जनेश्वर विकास केंद्र, साहित्य संवाद एवं महोत्सव परिवार के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी महोत्सव के आयोजन को लेकर बुधवार को शहर स्थित अधिवक्ता संघ सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता साहित्य संवाद के अध्यक्ष लालदेव प्रसाद ने की. इसमें अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 8 सितंबर से हिंदी दिवस 14 सितंबर तक सात दिवसीय हिंदी महोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया गया.

जिले के विभिन्न प्रखंडों में होंगे कार्यक्रम

महोत्सव के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से विविध कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे. इसके माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं और आम लोगों को हिंदी भाषा एवं साहित्य से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा.

संगोष्ठी और कवि सम्मेलन का होगा आयोजन

बैठक को संबोधित करते हुए सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने सात दिवसीय महोत्सव की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की. उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान संगोष्ठी, कवि सम्मेलन, स्कूली बच्चों के बीच हिंदी भाषण एवं निबंध प्रतियोगिता सहित विभिन्न रचनात्मक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे.

हिंदी दिवस पर सम्राट अशोक भवन में होगा मुख्य समारोह

सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने बताया कि 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर शहर स्थित सम्राट अशोक भवन में मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा. समारोह में हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने की मांग और हिंदी के व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी.

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चर्चित कलाकार प्रस्तुत करेंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

मुख्य समारोह के दौरान जिले के चर्चित कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये जाएंगे. इसके साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा. हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति समर्पित हिंदी अनुरागियों को भी सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है.

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हिंदी हमारी संस्कृति और भावनात्मक विरासत की पहचान

कला कौशल मंच के अध्यक्ष आदित्य श्रीवास्तव ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, साहित्य और भावनात्मक विरासत की पहचान है. नई पीढ़ी में हिंदी के प्रति रुचि और सम्मान बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों की निरंतर आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि सात दिवसीय हिंदी महोत्सव के माध्यम से जिले के विद्यार्थियों, साहित्यकारों, कलाकारों और आम लोगों को एक मंच पर जोड़ने का प्रयास सराहनीय है.

बैठक में साहित्य और सामाजिक क्षेत्र के लोग रहे मौजूद

बैठक में जनेश्वर विकास केंद्र के अध्यक्ष रामजी सिंह, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुरेंद्र प्रसाद मिश्रा, वीरेंद्र सिंह, रामचंद्र सिंह, हेरंब मिश्रा, लवकुश प्रसाद सिंह, प्रमोद सिंह, उज्ज्वल रंजन, अमरेश सिंह, सिंहस सिंह, मकसूदन त्रिवेदी, विनय सिंह, मुकेश चोबे, अक्षय पाठक, राम श्लोक रामा, धर्मेंद्र यादव साहित्य सहित साहित्य, कला एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई लोग उपस्थित रहे.

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By सुधीर कुमार सिन्हा

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