औरंगाबाद के सलैया स्कूल के प्रधानाध्यापक राजकुमार प्रसाद गुप्ता को मिलेगा राजकीय शिक्षक पुरस्कार

Aurangabad News : औरंगाबाद के सलैया मिडिल स्कूल के हेडमास्टर राजकुमार प्रसाद गुप्ता को राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया जाएगा. जानें उनके शिक्षा सुधार के प्रयास.

Aurangabad News : मदनपुर प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय सलैया के प्रधानाध्यापक राजकुमार प्रसाद गुप्ता को राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया जाएगा. विद्यालय में पदस्थापन के बाद उन्होंने बुनियादी सुविधाओं की कमी दूर करने के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बेहतर माहौल तैयार करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया. उनके प्रयासों से संसाधनों के अभाव से जूझ रहा विद्यालय आज बेहतर शैक्षणिक एवं भौतिक सुविधाओं से सुसज्जित नजर आ रहा है.

पदस्थापन के बाद शुरू की समस्याओं के समाधान की पहल

राजकुमार प्रसाद गुप्ता सात जुलाई 2023 को राजकीय मध्य विद्यालय सलैया में पदस्थापित हुए थे. उस समय विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं का काफी अभाव था. उन्होंने विद्यालय की जरूरतों को चिह्नित कर प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं के समाधान की पहल शुरू की. सबसे पहले बच्चों के लिए पेयजल की व्यवस्था को बेहतर किया गया. पदस्थापन के समय करीब 350 बच्चे एकमात्र चापाकल पर निर्भर थे. वर्तमान में विद्यालय में दो समर्सिबल पंप और कुल 2500 लीटर क्षमता की तीन पानी की टंकियां उपलब्ध हैं. इनमें 500 लीटर की फिल्टर वाटर सुविधा भी शामिल है.

विद्यालय परिसर का कराया कायाकल्प

विद्यालय के जर्जर और आकर्षणहीन कक्षाओं तथा कार्यालय की मरम्मत कर उन्हें बेहतर बनाया गया. परिसर को हरा-भरा और आकर्षक बनाने के लिए पौधारोपण कराया गया. मुखिया मनोज चौधरी के सहयोग से पेवर ब्लॉक लगवाये गये. इसके अलावा बच्चों के बैठने के लिए सीमेंट की बेंच की व्यवस्था की गयी.

विशेष कक्षों से बेहतर हुआ शिक्षण माहौल

विद्यालय में स्मार्ट क्लास, सुरक्षित शनिवार कक्ष, पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, शिक्षक संगोष्ठी कक्ष और एफएलएन कक्ष विकसित किये गये हैं. इन सुविधाओं से बच्चों को बेहतर और गतिविधि आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है. एफएलएन और पुस्तकालय को भी सक्रिय किया गया है, जिससे बच्चों को स्व-अध्ययन के लिए प्रेरित किया जा रहा है.

विद्यालय व्यवस्था में बच्चों की बढ़ी भागीदारी

प्रधानाध्यापक ने विद्यालय संचालन में बच्चों की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया. बाल संसद, इको क्लब, मीना मंच और बाल प्रेरक को सक्रिय किया गया. इसका परिणाम है कि विद्यालय में आयोजित होने वाले चेतना सत्र का संचालन अब बच्चे स्वयं करते हैं.

समुदाय की सहभागिता से मजबूत हुई व्यवस्था

विद्यालय के विकास में समुदाय की सहभागिता भी सुनिश्चित की गयी. इसके माध्यम से पेवर ब्लॉक, गैबियन, वाटर फिल्टर, सीमेंट बेंच सहित विभिन्न बुनियादी सुविधाओं के लिए सहयोग प्राप्त हुआ. विद्यालय परिसर में बीएएलए यानी बिल्डिंग एज लर्निंग एड के तहत पेंटिंग करायी गयी. इससे विद्यालय की दीवारें भी बच्चों के लिए सीखने का माध्यम बन गयी हैं.

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पोषण वाटिका से प्रकृति और पोषण का संदेश

बच्चों को पौधों, सब्जियों और पर्यावरण से जोड़ने के उद्देश्य से विद्यालय में पोषण वाटिका विकसित की गयी है. इससे मध्याह्न भोजन को अधिक पौष्टिक बनाने के साथ बच्चों को प्रकृति और पोषण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है.

गतिविधि आधारित शिक्षा पर विशेष जोर

विद्यालय में बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जा रहा है. गतिविधि आधारित और परियोजना आधारित शिक्षण के माध्यम से आनंददायी वातावरण में शिक्षा देने पर जोर दिया जा रहा है. इससे बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है.

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‘सीटी बजाओ-स्कूल चलो’ अभियान का दिखा असर

विद्यालय में वर्तमान में करीब 450 बच्चे नामांकित हैं. बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और ड्रॉपआउट रोकने के उद्देश्य से ‘सीटी बजाओ-स्कूल चलो’ अभियान चलाया गया, जिसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला. प्रधानाध्यापक राजकुमार प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में विद्यालय में हुए बदलाव यह बताते हैं कि सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर नेतृत्व, नवाचार, समुदाय की सहभागिता और निरंतर प्रयास से सरकारी विद्यालय को उत्कृष्ट बनाया जा सकता है.

उल्लेखनीय कार्यों के लिए मिलेगा शिक्षक पुरस्कार

विद्यालय के विकास और शिक्षा के क्षेत्र में किये गये उल्लेखनीय कार्यों एवं उपलब्धियों के लिए प्रधानाध्यापक राजकुमार प्रसाद गुप्ता को राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया जाएगा. उनके प्रयासों से विद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं में भी व्यापक सुधार हुआ है.

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By सुधीर कुमार सिन्हा

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