औरंगाबाद सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और ऑपरेशन की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए शुक्रवार को सिविल सर्जन डॉ कृष्ण कुमार ने अस्पताल का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने अस्पताल अधीक्षक डॉ आशुतोष कुमार सिंह के साथ विभिन्न वार्डों और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान ओपीडी में तैनात एक चिकित्सक ड्यूटी से गायब मिले. पूछताछ में उनके खाना खाने के लिए जाने की बात सामने आई, जिस पर सिविल सर्जन ने नाराजगी जताई.
सिविल सर्जन ने ओपीडी, प्रसव वार्ड, ऑपरेशन थिएटर और महिला ओपीडी का निरीक्षण किया. उन्होंने मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली और चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अस्पताल आने वाले मरीजों को इलाज के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए.
सुबह 8 से शाम 7 बजे तक मिलेगी ऑपरेशन की सुविधा
सिविल सर्जन डॉ कृष्ण कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल में अब सभी तरह के ऑपरेशन कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है. इसके लिए विभिन्न विभागों के चिकित्सक अस्पताल में उपलब्ध रहेंगे. चिकित्सकों को निर्देश दिया गया है कि जिन मरीजों को ऑपरेशन की जरूरत है, उनका ऑपरेशन सदर अस्पताल में ही कराया जाए.
उन्होंने कहा कि मरीजों को अनावश्यक रूप से दूसरे अस्पतालों में रेफर नहीं किया जाना चाहिए. ऑपरेशन की सुविधा सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक उपलब्ध रहेगी. अस्पताल में आवश्यक दवाएं, इंजेक्शन और अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं. ऐसे में सदर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना अस्पताल प्रबंधन की प्राथमिकता है.
सप्ताह में तीन दिन हड्डी रोग विशेषज्ञ देंगे सेवा
हड्डी रोग से जुड़े मरीजों की सुविधा के लिए दूसरे अस्पताल से चिकित्सकों की उपलब्धता सदर अस्पताल में कराई गई है. सिविल सर्जन ने बताया कि संबंधित हड्डी रोग विशेषज्ञ प्रत्येक सप्ताह सोमवार, मंगलवार और बुधवार को सदर अस्पताल में अपनी सेवा देंगे.
जरूरत पड़ने पर हड्डी रोग से संबंधित मरीजों का ऑपरेशन भी सदर अस्पताल में किया जाएगा. इसके लिए अस्पताल में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं. इससे हड्डी से संबंधित मरीजों को इलाज और ऑपरेशन के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करने की जरूरत कम होगी.
दीपावली के आसपास नए भवन में शुरू हो सकती है सेवा
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने सदर अस्पताल के नए भवन की स्थिति की भी जानकारी ली. उन्होंने बताया कि इस संबंध में संवेदक से बातचीत हुई है और उम्मीद है कि दीपावली के आसपास नया भवन अस्पताल प्रबंधन को मिल जाएगा.
नए भवन में सेवाएं शुरू होने के बाद मरीजों को और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. सिविल सर्जन ने चिकित्सकों को निर्देश दिया कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज का गंभीरता से इलाज करें और जरूरत के अनुसार तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएं.
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अस्पताल में पर्याप्त संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. ऐसे में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की जिम्मेदारी है कि वे पूरी गंभीरता और निष्ठा के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं. निर्देश के बावजूद यदि किसी चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी की ओर से लापरवाही बरती जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
