बाढ़ के पानी ने ली एक और जान, औरंगाबाद के अदरी नदी में डूबने से 17 साल के युवक की मौत; 18 घंटे बाद मिला शव

औरंगाबाद जिले में बाढ़ और उफनती नदियों का कहर जारी है. अदरी नदी में नहाने गए 17 वर्षीय युवक रोहित कुमार की डूबने से मौत हो गई. करीब 18 घंटे चले तलाश अभियान के बाद उसका शव बरामद हुआ, जिसने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है.

औरंगाबाद जिले में बाढ़ और उफनती नदियों के कारण लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं. कहीं घरों और खेतों में पानी घुसने से लोग परेशान हैं, तो कहीं तेज बहाव लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है. ओबरा प्रखंड मुख्यालय में भी अदरी नदी का तेज बहाव एक परिवार की खुशियां छीन ले गया. बुधवार की शाम दोस्तों के साथ नदी में स्नान करने गया 17 वर्षीय युवक तेज धार में बह गया. करीब 18 घंटे तक चले खोज अभियान के बाद गुरुवार को उसका शव बरामद किया गया.

युवक की पहचान रोहित कुमार के रूप में हुई, ओबरा थाना के बगल स्थित दलित मोहल्ला निवासी राजेंद्र डोम का बेटा था. बुधवार की शाम वह अपने दोस्तों के साथ अदरी नदी के सुर्खी पुल के समीप स्नान करने गया था. इसी दौरान नदी की तेज धार की चपेट में आने के बाद वह पानी में बह गया. दोस्तों और आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के कारण उसका कोई सुराग नहीं मिल सका.

एसडीआरएफ की टीम

घटना की जानकारी मिलने के बाद नदी के पास पहुंचे परिजन

घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया. परिजन नदी किनारे पहुंच गए और स्थानीय लोगों के साथ रोहित की तलाश शुरू कर दी गई. प्रशासन को सूचना मिलने के बाद अंचलाधिकारी राकेश कुमार शर्मा और थानाध्यक्ष नीतीश कुमार भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे.

देर शाम तक स्थानीय गोताखोर करते रहे तलाश

युवक की तलाश के लिए स्थानीय गोताखोरों की मदद ली गई. नदी के आसपास कई जगहों पर खोजबीन की गई, लेकिन देर शाम तक रोहित का पता नहीं चल सका. नदी में तेज बहाव और पानी की स्थिति को देखते हुए स्थानीय स्तर पर चलाया गया खोज अभियान सफल नहीं हो सका.

घटना की गंभीरता को देखते हुए अंचलाधिकारी राकेश कुमार शर्मा ने गया जिले से एसडीआरएफ की टीम बुलाने की पहल की. प्रशासन की कोशिश के बाद गुरुवार को एसडीआरएफ की टीम ओबरा पहुंची और अदरी नदी में तलाशी अभियान शुरू किया.

दो घंटे के अभियान के बाद झाड़ियों में मिला शव

एसडीआरएफ की टीम हेड कमांडेंट भगवान यादव के नेतृत्व में ओबरा पहुंची. टीम में मंटू कुमार, सुजीत कुमार, साधना कुमारी, ख्याति वर्मा, उपेंद्र कुमार समेत अन्य कर्मी शामिल थे.

टीम ने अदरी नदी में करीब दो घंटे तक लगातार अभियान चलाया. नदी की तेज धार और पानी के बीच अलग-अलग हिस्सों में खोजबीन की गई. काफी मशक्कत के बाद मठ के समीप नदी में झाड़ियों के पास रोहित का शव फंसा मिला.

18 घंटे बाद मिला शव

शव बरामद होते ही घटनास्थल पर मौजूद परिजनों और स्थानीय लोगों में मातम छा गया. करीब 18 घंटे से बेटे के मिलने का इंतजार कर रहे परिवार को उसकी मौत की खबर ने पूरी तरह तोड़ दिया.

छोटे बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

रोहित दो भाई और दो बहनों में सबसे छोटा था. उसके पिता राजेंद्र डोम मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. बेटे की मौत के बाद मां अनीता देवी और पिता समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है.

रोते बिलखते परिजन

रोहित की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए. पूरे दलित मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है. लोगों के बीच बाढ़ और नदी के तेज बहाव को लेकर चिंता भी बढ़ गई है.

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया है. अंचलाधिकारी राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि प्रशासन की तत्परता से एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया और अभियान चलाकर युवक का शव बरामद कर लिया गया.

उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को सरकार के आपदा राहत प्रावधानों के तहत नियमानुसार मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी. इस घटना ने एक बार फिर बारिश और बाढ़ के दौरान उफनती नदियों में स्नान करने या नदी पार करने के जोखिम को सामने ला दिया है.

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लेखक के बारे में

By ब्रजेश द्विवेदी

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