औरंगाबाद शहर से लेकर गांवों तक पिछले एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. शहर के कई मोहल्लों में बारिश का पानी घरों के आसपास जमा है, जबकि सदर और देव प्रखंड के दर्जनों गांवों में भी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है. हालांकि, अब बारिश थमने के बाद कई इलाकों में पानी तेजी से निकलने लगा है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिल रही है.
शहर के कामा बिगहा, यमुना नगर, शाहपुर टिकरी बिगहा और हंसौली इलाके में भारी जलजमाव हुआ है. कई घर पानी से घिरे हैं. निचले इलाकों और सड़कों पर पानी जमा रहने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है.
दर्जनों गांवों में बारिश का पानी प्रवेश कर गया
वहीं, सदर प्रखंड के दर्जनों गांवों में भी बारिश का पानी प्रवेश कर गया है. लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और निचले हिस्से जलमग्न हो गए हैं. इससे ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हुई है.
एसडीएम ने प्रभावित इलाकों का लिया जायजा
इधर, औरंगाबाद अनुमंडल के एसडीएम गौरव सिंह ने बुधवार को जलजमाव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. उन्होंने शहर के प्रभावित मोहल्लों के साथ सदर प्रखंड के विभिन्न इलाकों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया.
इस दौरान एसडीएम ने स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर जलजमाव और पानी निकासी की स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में पानी की निकासी जल्द सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
SDM ने दिए निर्देश
एसडीएम ने निचले इलाकों पर विशेष नजर रखने को कहा है. जहां पानी जमा है, वहां आवश्यक संसाधनों की मदद से निकासी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है.
देव में भी जलजमाव, अब तेजी से निकल रहा पानी
देव प्रखंड में भी लगातार बारिश का व्यापक असर देखने को मिला है. नगर पंचायत क्षेत्र के अलावा ग्रामीण इलाकों में कई जगह जलजमाव की स्थिति बनी हुई है. हालांकि, पहले की तुलना में अब कई स्थानों पर पानी तेजी से निकल रहा है.
प्रशासन की टीम प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए है और जलजमाव वाले क्षेत्रों में स्थिति की निगरानी की जा रही है.
सैकड़ों एकड़ में धान की फसल पानी में डूबी
लगातार बारिश और खेतों में जलजमाव ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है. सदर और देव प्रखंड के कई इलाकों में सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल पानी में डूब गई है.
कई दिनों से खेतों में पानी जमा रहने के कारण धान की फसल को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है. किसान फसल खराब होने को लेकर चिंतित हैं. उनका कहना है कि यदि जल्द खेतों से पानी नहीं निकला तो तैयार हो रही धान की फसल बर्बाद हो सकती है.
प्रशासन की ओर से जलनिकासी के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन खेतों में जमा पानी पूरी तरह निकलने में समय लग रहा है. ऐसे में किसानों की नजर अब पानी की निकासी और फसल को होने वाले संभावित नुकसान पर टिकी है.
