पांच बहनों का इकलौता भाई और माता-पिता का इकलौता पुत्र था पीयूष
फोटो नंबर-12-मृतक का फाइल फोटो. 12ए-इसी जगह पर पीयूष का मिला शव. प्रतिनिधि, नवीनगर नवीनगर थाना क्षेत्र के दिग्घी गांव निवासी विजय सिंह के पुत्र पीयूष कुमार की मौत के मामले की एसआइटी जांच करेगी. पुलिस अधीक्षक अंबरीश राहुल ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार पांडेय के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया है. पुलिस का मानना है कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि पीयूष की हत्या की गयी है. एसआइटी की टीम सीसीटीवी फूटेज, तकनीकी विशलेषण और आसूचना संकलन के आधार पर जल्द मौत से पर्दा उठायेगी. इधर, रेलवे ट्रैक के समीप से पीयूष का शव मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.
दोस्त की बहन की शादी में शामिल होने के लिए घर से निकला था युवक
ज्ञात हो कि पीयूष कुमार 28 अप्रैल की रात करीब नौ बजे अपने घर से यह कहकर निकला था कि वह अपने एक दोस्त की बहन की शादी में शामिल होने जा रहा है. परिजनों के मुताबिक वह शादी समारोह में गया भी था और कई लोगों ने उसे वहां देखा था. लेकिन रात बीतने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटा तो परिवार की चिंता बढ़ गयी. काफी खोजबीन के बावजूद जब पीयूष का कोई सुराग नहीं मिला, तो 29 अप्रैल को परिजनों ने नवीनगर थाने में गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज करायी. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तलाश शुरू की, लेकिन तीन दिनों तक कोई सफलता नहीं मिली.
रेलवे स्टेशन के पास खेत में युवक का मिला शव
चौथे दिन शनिवार की रात सूचना मिली कि नवीनगर रेलवे स्टेशन के पास समीप एक खेत में अज्ञात युवक का शव पड़ा है. सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान पीयूष कुमार के रूप में की. इधर, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर औरंगाबाद में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया. वैसे एफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल से सैंपल इकट्ठा किया है.
परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
जानकारी मिली कि परिजनों ने हत्या की आशंका जतायी है. उनका कहना है कि पीयूष की मौत सामान्य नहीं हो सकती. उन्होंने कुछ संदिग्ध लोगों के नाम भी पुलिस को दिए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है. पीयूष परिवार का इकलौता पुत्र था और हाल ही में इंटर पास कर आगे की तैयारी में जुटा था. उसकी मौत ने परिवार की उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचाया है.
बीमार पिता को करता था सहयोग
पीयूष के पिता विजय सिंह ने बताया कि वे जन वितरण के दुकानदार हैं और उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है. वे इलाज कराते रहे हैं. पीयूष उनके काम में हाथ बटाता था. उसने इंटर तक की पढ़ाई की थी. पांच बहनों का वह इकलौता भाई और इकलौता पुत्र था. 28 अप्रैल को गांव के ही श्रवण साव के घर बेटी की शादी में शामिल होने गया था, लेकिन शादी समारोह के बाद घर नहीं लौटा. इधर पीयूष की मौत के बाद घर का इकलौता चिराग बूझ गया. नवीनगर थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है.