Aurangabad News: जिले के ओबरा स्थित ऐतिहासिक देवी मंदिर में चल रहे जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य के बीच बुधवार को गर्भगृह में रखी पुरानी दान पेटी को खोला गया. देवी मंदिर न्यास समिति के पदेन अध्यक्ष सह अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) के निर्देशानुसार अनुमंडल नाजिर अजय कुमार सिन्हा की देखरेख में दान पेटी का ताला खोला गया. दान में प्राप्त चढ़ावे की गिनती पूरी पारदर्शिता के साथ की गई, जिसकी बाकायदा पूरी वीडियोग्राफी कराई गई.
1.27 लाख नकद के साथ सोने-चांदी के आभूषण मिले
दान पेटी से निकली नकदी और बहुमूल्य आभूषणों की गणना न्यास समिति के पदाधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुई:
- नकद राशि: पेटी से कुल 1,27,200 रुपये नकद बरामद हुए.
- चांदी के चढ़ावे: माता को अर्पित की गई 144 पीस चांदी की आंखें, चांदी के सिक्के और दो चांदी की मालाएं प्राप्त हुईं.
- सोने के आभूषण: भक्तों द्वारा चढ़ाए गए छोटे-बड़े आकार के कुल 22 पीस सोने के आभूषण निकले.
- हस्तांतरण: गिनती के उपरांत पूरी नकद राशि एवं सोने-चांदी के जेवरात विधिवत प्रोसीडिंग तैयार कर न्यास समिति के सुपुर्द कर दिए गए.
20 लाख से मकराना के संगमरमर से संवरेगा गर्भगृह
मंदिर के सौंदर्यीकरण और नव-निर्माण की रूपरेखा तेजी से धरातल पर उतारी जा रही है. मंदिर के उपाध्यक्ष कृष्ण प्रसाद सिंह ने बताया कि गर्भगृह में रखी यह छोटी दान पेटी कई वर्षों से बंद पड़ी थी, जिसे प्रशासनिक आदेश के बाद खोला गया. वर्तमान में मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य युद्धस्तर पर जारी है. माता रानी के गर्भगृह को भव्य स्वरूप देने का जिम्मा राजस्थान के मकराना के कुशल कारीगरों को सौंपा गया है, जिस पर लगभग 18 से 20 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसके अतिरिक्त मंदिर के भव्य मुख्य द्वार और मजबूत ग्रिल निर्माण का कार्य भी प्रगति पर है.
न्यास समिति के सदस्य और स्थानीय लोग रहे उपस्थित
गिनती और दस्तावेज तैयार करने के दौरान न्यास समिति के सचिव कुमुद रंजन, उप सचिव अमरेन्द्र रंजन, कोषाध्यक्ष ब्रजेश कुमार द्विवेदी, पुष्कर अग्रवाल, अमित नाग, नीलम देवी, अकाउंटेंट ज्योति कुंवर, बिकास कुमार, दिव्य प्रकाश, राज कुमार, सुमित कुशवाहा सहित काफी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे.
