12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार और आमजन को इसके प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक की ओर से सोमवार को जागरूकता रथ निकाला गया. जागरूकता रथ को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आमजन को त्वरित, सुलभ एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है. लोक अदालत के माध्यम से पक्षकार आपसी सहमति, सुलह एवं समझौते के आधार पर अपने विवादों का शीघ्र समाधान प्राप्त कर सकते हैं. इससे समय और धन की बचत के साथ-साथ लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से भी राहत मिलती है.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य केवल लंबित मामलों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि समाज में विवादों के शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण समाधान की संस्कृति को बढ़ावा देना भी है. पक्षकार अपनी इच्छा और सहमति से विवादों का समाधान प्राप्त कर सकते हैं, जिससे आपसी संबंध और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में भी मदद मिलती है.
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि बैंकिंग एवं वित्तीय विवादों के निस्तारण में भी राष्ट्रीय लोक अदालत की महत्वपूर्ण भूमिका है. बैंक ऋण, बकाया राशि एवं अन्य योग्य बैंक संबंधी मामलों का निपटारा आपसी सहमति और समझौते के आधार पर किया जा सकता है. दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक द्वारा जागरूकता रथ निकाला जाना इस दिशा में सराहनीय पहल है, जिससे विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के बैंक उपभोक्ताओं को लोक अदालत के लाभों की जानकारी मिलेगी.
उन्होंने बताया कि जागरूकता रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को 12 सितम्बर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी देगा और योग्य मामलों के निस्तारण के लिए लोगों को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित करेगा.
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि अपने विवाद को लंबा न खींचें, आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से समाधान की ओर कदम बढ़ाएं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम नागरिकों के लिए विवादों के शीघ्र एवं सरल समाधान का महत्वपूर्ण अवसर है, जिसका अधिकाधिक लाभ उठाया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए न्यायपालिका, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बैंकिंग संस्थानों, अधिवक्ताओं, प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं आम नागरिकों की सामूहिक सहभागिता जरूरी है. व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को लोक अदालत के लाभों की जानकारी देकर अधिक से अधिक योग्य मामलों का निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकता है.
इस मौके पर सचिव, जिला विधिज्ञ संघ जगनारायण सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक रवि रंजन सिंह समेत अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे. जागरूकता रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्देश्य, प्रक्रिया एवं लाभों की जानकारी देगा. साथ ही बैंक से संबंधित योग्य मामलों के पक्षकारों को आपसी सहमति एवं समझौते के माध्यम से विवादों के शीघ्र समाधान के लिए प्रेरित किया जाएगा.
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद की ओर से आमजन से अपील की गई है कि वे 12 सितम्बर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक संख्या में भाग लें और अपने योग्य मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान का लाभ उठाएं.
