औरंगाबाद: 110 वर्ष पुरानी रसलपुर ठाकुरबाड़ी में पांच दिवसीय झूलनोत्सव शुरू, 'झूला झूले मेरे प्यारे दशरथ राजदुलारे' भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल

कुटुंबा के रसलपुर स्थित प्राचीन रामजानकी मंदिर में पांच दिवसीय झूलनोत्सव शुरू हुआ। भक्त भजन-कीर्तन के साथ भगवान को झूला झुला रहे हैं।

Aurangabad News: जिले के कुटुंबा थाना क्षेत्र अंतर्गत ऐतिहासिक रसलपुर गांव स्थित प्राचीन राम-जानकी मंदिर ठाकुरबाड़ी में सावन पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले पारंपरिक पांच दिवसीय झूलनोत्सव की शुरुआत सोमवार की रात से धूमधाम के साथ हुई.

धार्मिक अनुष्ठान को लेकर पूरे मंदिर परिसर को भव्य और आकर्षक रूप से सजाया गया है. सुसज्जित पालने पर भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के विग्रहों को विराजमान कर रातभर झूला झुलाया गया, जिसमें शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.

झूलन गीतों और भजनों से गूंजा मंदिर प्रांगण

मंदिर के सभाकक्ष में पूरी रात महिला व पुरुष श्रद्धालु भजन-कीर्तन में लीन रहे. "झूला झूले हो मेरे प्यारे दशरथ राज दुलारे..." सहित कई पारंपरिक झूलन गीतों और महाआरती से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा.

मंदिर के मुख्य पुजारी चंद्रशेखर मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना और विशेष आरती संपन्न कराई. पुजारी ने बताया कि एकादशी तिथि से शुरू हुआ यह अनुष्ठान सावन पूर्णिमा के दिन तक अनवरत चलेगा, जिसमें प्रतिदिन शाम से लेकर देर रात तक श्रद्धालु प्रभु को झूला झुलाएंगे.

110 वर्ष पुराना है मंदिर का इतिहास, अयोध्या धाम से जुड़ाव

ग्रामीणों और बुजुर्गों के अनुसार, रसलपुर की यह ठाकुरबाड़ी 110 वर्ष से अधिक पुरानी है और इसका ऐतिहासिक व धार्मिक संबंध अयोध्या धाम से रहा है. इसी सदियों पुरानी परंपरा के तहत प्रत्येक वर्ष सावन के अंतिम पांच दिनों में यहां भव्य झूलनोत्सव का आयोजन होता है. वर्तमान में मंदिर प्रबंधन का कार्य अच्युत परमेश्वर की देखरेख में संचालित किया जा रहा है.

पालने पर बिठाकर झुलाए जा रहे हैं भगवान राम लखन व माता सीता की प्रतिमा | Prabhat Khabar Network

धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीण

इस पावन आयोजन में स्थानीय रसलपुर के अलावा आसपास के दर्जनों गांवों से श्रद्धालु प्रभु के दर्शन और झूला झुलाने पहुंच रहे हैं. कार्यक्रम में मुख्य रूप से लवकांत सिन्हा, अभिषेक शरण, वार्ड सदस्य राहुल कुमार सिंह, रवींद्र विश्वकर्मा, प्रो. नरेंद्र पांडेय, धर्मेंद्र सिंह, बीरन विश्वकर्मा, सिकंदर राम, बसंत सिंह, जुदागीर सिंह, सुनील राम, रामलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और भक्तजन उपस्थित रहे.

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By अंबुज कुमार

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