मूसलाधार बारिश ने औरंगाबाद में कई परिवारों को किया बेघर, कच्चे मकान गिरने से बढ़ी गरीबों की मुश्किलें; प्रशासन से मदद की गुहार

दाउदनगर में मूसलाधार बारिश के कारण कई कच्चे मकान गिर गए हैं, जिससे गरीब परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन से मदद की मांग की गई है।

औरंगाबाद के दाउदनगर प्रखंड में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर हो रही मूसलाधार बारिश ने गरीब परिवारों की परेशानी बढ़ा दी है. लगातार हो रही बारिश का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ रहा है, जिनके सिर पर पक्की छत नहीं है. मिट्टी और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए हर बारिश अब डर लेकर आ रही है. दीवारों में लगातार नमी आने के कारण कई मकान गिर गए हैं, जबकि कई घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं.

प्रखंड की मनार पंचायत के दौलतपुर, संसा पंचायत के करमाही, गोरडीहा पंचायत के नोनार, अंछा पंचायत के केशडाड़ी और एकौनी समेत कई गांवों में कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है. कहीं मिट्टी की दीवार भरभरा कर गिर गई, तो कहीं मकान की संरचना बारिश का दबाव नहीं झेल सकी.

सबसे गंभीर स्थिति मनार पंचायत के दौलतपुर गांव में सामने आई, जहां रामबरत भुइयां का मिट्टी का कच्चा मकान बारिश के कारण पूरी तरह गिर गया. इस मकान में रामबरत अपने चार बेटों और पूरे परिवार के साथ रहते थे.

जर्जर मकान में रह रहा था पूरा परिवार

रामबरत भुइयां का मकान लंबे समय से जर्जर हालत में था. मकान पूरी तरह मिट्टी से बना हुआ था और उसकी दीवारों के ऊपर सीमेंट की चादर डालकर परिवार किसी तरह गुजर-बसर कर रहा था. जर्जर मकान को लेकर पहले से ही हादसे की आशंका बनी हुई थी.

लगातार बारिश के बाद मिट्टी की दीवारों में नमी बढ़ती गई और आखिरकार मकान भरभरा कर गिर गया. गनीमत रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन मकान के ध्वस्त होने के बाद परिवार के सामने रहने के लिए सुरक्षित जगह की समस्या खड़ी हो गई है.

घर गिराने से रोजमर्रा के जीवन मुशकिल में

घर गिरने के बाद सिर्फ छत छिनने का संकट नहीं है. परिवार के सामने घरेलू सामान को सुरक्षित रखने और रोजमर्रा के भोजन की व्यवस्था करने जैसी परेशानियां भी बढ़ गई हैं.

कई गांवों में कच्चे मकानों को नुकसान

दाउदनगर प्रखंड के अलग-अलग पंचायतों से भी कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिल रही है. संसा पंचायत के करमाही गांव में दीपक कुमार, पिता जवाहर सिंह के कच्चे मकान को बारिश से नुकसान पहुंचा है.

गोरडीहा पंचायत के नोनार गांव में अजीत कुमार के मकान के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है. वहीं, अंछा पंचायत के केशडाड़ी गांव निवासी मोहन पासवान के मकान को भी बारिश से नुकसान पहुंचा है. एकौनी और अन्य गांवों में भी कच्चे मकानों के गिरने या क्षतिग्रस्त होने की सूचना सामने आई है.

लगातार हो रही बारिश से बढ़ा हादसे का खतरा

बारिश अभी जारी रहने के कारण ऐसे परिवारों की चिंता और बढ़ गई है. जिन मकानों की दीवारें पहले से कमजोर हैं, वहां रहने वाले लोग हर समय हादसे की आशंका में हैं. लगातार पानी पड़ने से मिट्टी की दीवारों की मजबूती और कम हो रही है.

प्रशासन से राहत और सुरक्षित आवास की मांग

मकान गिरने और क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत की जरूरत है. ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान इन परिवारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित रहने की जगह उपलब्ध कराना है.

गोरडीहा मुखिया प्रतिनिधि नागेंद्र सिंह ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों के मकानों का तत्काल स्थल निरीक्षण कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि आपदा राहत और सरकारी प्रावधानों के तहत पीड़ित परिवारों को जल्द आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए.

ज़रूरतमंद परिवारों को मिलेगी सहायता

उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए प्लास्टिक शीट, आवासीय सहायता और सूखा राशन उपलब्ध कराने की भी मांग की है. साथ ही उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के मकान पहले से जर्जर हैं, उनकी पहचान कर बारिश के दौरान सुरक्षा के लिए तत्काल जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए.

दाउदनगर प्रखंड में बारिश के कारण कच्चे मकानों को पहुंच रहा नुकसान सिर्फ घर गिरने की समस्या नहीं है, बल्कि यह उन परिवारों के सामने खड़े बड़े संकट की तस्वीर है, जिनके पास सुरक्षित आवास का विकल्प नहीं है. ऐसे में बारिश का दौर जारी रहने तक प्रशासन की सक्रियता और समय पर राहत पहुंचाना बेहद जरूरी है, ताकि कमजोर मकानों में रहने वाले परिवार किसी बड़े हादसे की चपेट में न आएं.

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By ओमप्रकाश

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