औरंगाबाद शहर. औरंगाबाद किशोर न्याय बोर्ड ने न्यायिक आदेश की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए कुटुंबा एवं हसपुरा थाना प्रभारी के खिलाफ शो-कॉज किया है. बोर्ड के प्रधान दंडाधिकारी सह एसीजेएम सुशील प्रसाद सिंह ने दोनों थानाध्यक्षों को 22 जून को सदेह उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है. जानकारी के अनुसार कुटुंबा थाना कांड संख्या-154/22 तथा हसपुरा थाना कांड संख्या-160/22 से जुड़े मामलों में संबंधित थाना प्रभारियों को पूर्व में आदेश दिया गया था कि विधि विरुद्ध किशोर को निर्धारित तिथि पर बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाये. बावजूद इसके संबंधित अधिकारियों द्वारा न्यायिक आदेश का अनुपालन नहीं किया गया. इसे लेकर बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाया है. मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि किशोर न्याय बोर्ड द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन संबंधित थाना प्रभारियों की लापरवाही के कारण बोर्ड की कार्यप्रणाली और किशोर न्याय प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. बोर्ड ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि न्यायिक निर्देशों की अवहेलना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है. ऐसे मामलों में समय पर किशोर की उपस्थिति सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो. आदेश में यह भी कहा गया कि आखिर किन परिस्थितियों में न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया गया, इसका स्पष्ट जवाब संबंधित अधिकारियों को देना होगा.
आदेश की अवहेलना पर कुटुंबा व हसपुरा थाना प्रभारी से शोकॉज
एसीजेएम सुशील प्रसाद सिंह ने दोनों थानाध्यक्षों को 22 जून को सदेह उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है
