औरंगाबाद में जलजमाव के जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई, DM ने कारणों की जांच और शोकॉज के दिए निर्देश

औरंगाबाद में भारी बारिश और जलजमाव की स्थिति गंभीर हो गई है. जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर जल निकासी और राहत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने जलजमाव के कारणों का विश्लेषण कर अल्पकालिक व दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं.

Aurangabad News : औरंगाबाद जिले में अत्यधिक वर्षा और जलजमाव की स्थिति को लेकर जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने सोमवार को समाहरणालय के सभा कक्ष में संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की.

बैठक में विभिन्न अंचलों में जलजमाव, जल निकासी, कृषि क्षेत्र पर प्रभाव, सड़क एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं की स्थिति तथा राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई.

7 सितंबर को सोन नदी का जलस्तर 339.50 फीट

बैठक में बताया गया कि 7 सितंबर तक जिले में कुल 835.5 मिमी वर्षापात दर्ज किया गया है, जबकि सामान्य वर्षापात 873.7 मिमी है. वहीं सितंबर माह में 7 सितंबर तक सामान्य 49.5 मिमी के विरुद्ध 147.0 मिमी वर्षापात दर्ज किया गया, जो सामान्य से 196.97 प्रतिशत अधिक है.

सोन नदी के जलस्तर की भी समीक्षा की गई. 7 सितंबर को सुबह 7 बजे सोन नदी का जलस्तर 339.50 फीट तथा जल डिस्चार्ज 148943 क्यूसेक दर्ज किया गया.

जलजमाव के वास्तविक कारणों का विश्लेषण करने के निर्देश

वर्तमान में सोन नदी के 41 गेट खुले होने की जानकारी दी गई. जिलाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जलजमाव के वास्तविक कारणों का विश्लेषण करें. तत्काल किए जाने वाले उपायों के लिए अल्पकालिक कार्ययोजना तथा भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करें.

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन व्यक्तियों अथवा संबंधित पक्षों की लापरवाही या अन्य कारणों से जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हुई है, उन्हें शोकॉज नोटिस जारी करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. बैठक में कार्यपालक पदाधिकारी, देव ने बताया कि नगर पंचायत देव के वार्ड संख्या 1, 2, 3, 9, 10 एवं 11 में जल निकासी का कार्य कराया जा रहा है और वर्तमान में स्थिति सामान्य है.

अन्य अंचल अधिकारियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में जलजमाव के कारणों एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी जिलाधिकारी को दी. डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को नदी किनारे बसे ग्रामीण क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां की स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया.

4019.50 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि अत्यधिक वर्षा एवं जलजमाव के कारण जिले में कुल 4019.50 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ है. जल निकासी के बाद पुनः फसल क्षेत्र का सर्वे कराया जाएगा, जिसके आधार पर वास्तविक फसल क्षति का आकलन किया जाएगा.

प्रभावित परिवारों के बीच 212 पॉलीथिन शीट वितरित

अत्यधिक वर्षा से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न प्रखंडों में कुल 212 पॉलीथिन शीट का वितरण किया गया है. इनमें गोह में 125, मदनपुर में 39, हसपुरा में 20, देव में 15, बारुण में 6, ओबरा में 4, कुटुंबा में 2 तथा रफीगंज में 1 पॉलीथिन शीट वितरित की गई है.

सड़क व पुलों की स्थिति की भी हुई समीक्षा

बैठक में सड़क एवं आधारभूत संरचनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई. पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत देव के बेलसारा गांव, रफीगंज के बहादुरपुर बरसाती नाला, ओबरा के ओबरा-चपरी तथा रफीगंज के माड़ीपुर धावा नदी समेत विभिन्न स्थलों के प्रभावित होने की जानकारी दी गई.

डीएम ने कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग को रफीगंज के मिश्रबिगहा गांव में सड़क निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

वहीं, कार्यपालक अभियंता, आरसीडी ने बताया कि रफीगंज के बहादुरपुर बरसाती नाला से संबंधित पुल के टॉप स्लैब की कास्टिंग का कार्य करीब 15 दिनों बाद शुरू किया जाएगा. माड़ीपुर स्थित धावा नदी पर नए पुल के निर्माण का प्रस्ताव भी स्वीकृत हो चुका है.

बिजली व स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष नजर

जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को जलजमाव वाले क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था का विशेष निरीक्षण करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कहीं भी बिजली के तार ढीले नहीं होने चाहिए. जलजमाव वाले क्षेत्रों में खराब अथवा जोखिम वाले ट्रांसफॉर्मर एवं विद्युत उपकरणों को आवश्यकतानुसार आइसोलेट कर सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.

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उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को जलजमाव वाले क्षेत्रों में हेल्थ कैंप आयोजित करने का भी निर्देश दिया, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें. जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ जल निकासी, राहत कार्य, स्वास्थ्य सुविधा, विद्युत सुरक्षा, सड़क एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यकता के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

बैठक में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, अपर समाहर्ता आपदा उपेंद्र पंडित, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी सदर गौरव सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, जिला कृषि पदाधिकारी, संबंधित अंचलाधिकारी एवं सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी उपस्थित थे.

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By सुधीर कुमार सिन्हा

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