Aurangabad News : जिले में खरीफ सीजन के दौरान धान की रोपनी अब अंतिम चरण में पहुंच गयी है. सितंबर का महीना शुरू होने के साथ ही धान के बिचड़े भी काफी पुराने हो चुके हैं. कृषि विभाग द्वारा जारी प्रखंडवार धान आच्छादन प्रतिवेदन के अनुसार 31 अगस्त 2026 तक जिले में निर्धारित लक्ष्य का 91.56 प्रतिशत आच्छादन पूरा हो चुका है. जिले में धान की रोपनी के लिए कुल 1,76,000 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध 1,65,547.21 हेक्टेयर में रोपनी पूरी हो चुकी है.
पांच प्रखंडों में शत-प्रतिशत धान की रोपनी
जिले के 11 प्रखंडों में से पांच प्रखंडों ने धान की रोपनी का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है. बारुण में 17,000 हेक्टेयर, दाउदनगर में 14,000 हेक्टेयर, गोह में 18,000 हेक्टेयर, हसपुरा में 10,000 हेक्टेयर और ओबरा में 20,000 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध शत-प्रतिशत रोपनी पूरी कर ली गयी है. इन प्रखंडों के किसानों ने समय पर मानसून का लाभ उठाते हुए धान की रोपनी पूरी की है.
कई प्रखंडों में लक्ष्य के करीब पहुंचा आच्छादन
अन्य प्रखंडों में भी धान का आच्छादन निर्धारित लक्ष्य के करीब पहुंच चुका है. मदनपुर में 10,000 हेक्टेयर के विरुद्ध 9,426 हेक्टेयर यानी 94.26 प्रतिशत, रफीगंज में 18,000 हेक्टेयर के विरुद्ध 16,203.50 हेक्टेयर यानी 90.02 प्रतिशत और सदर औरंगाबाद में 14,000 हेक्टेयर के विरुद्ध 13,056.30 हेक्टेयर यानी 91.17 प्रतिशत रोपनी हुई है. कुटुंबा प्रखंड में 20,000 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 17,771 हेक्टेयर में धान की रोपनी हुई है.
नवीनगर में लक्ष्य से काफी पीछे है रोपनी
नवीनगर प्रखंड में 24,000 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 19,490 हेक्टेयर में ही धान की रोपनी हो सकी है. खासकर झारखंड सीमा से सटे क्षेत्रों में रोपनी की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर है. खजुरी पांडु में 28.13 प्रतिशत, बसडीहा में 38.89 प्रतिशत, चंद्रगढ़ में 43.10 प्रतिशत और मंगुआ में 46.51 प्रतिशत ही रोपनी हो पायी है.
देव प्रखंड के दक्षिणी क्षेत्रों में भी कम आच्छादन
देव प्रखंड में अब तक 87.15 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हुआ है. दक्षिणी क्षेत्र की बनुआ पंचायत में 71.28 प्रतिशत, दुलारे में 70.32 प्रतिशत और हसौली में 65.79 प्रतिशत ही धान की रोपनी हुई है. वहीं सदर औरंगाबाद में 91.17 प्रतिशत, कुटुंबा में 91.36 प्रतिशत, मदनपुर में 94.26 प्रतिशत और रफीगंज में 94.50 प्रतिशत आच्छादन दर्ज किया गया है.
कुटुंबा के असिंचित क्षेत्रों में भी रोपनी पिछड़ी
कुटुंबा प्रखंड के असिंचित क्षेत्रों में धान की रोपनी अपेक्षाकृत कम हुई है. महाराजगंज में 70.12 प्रतिशत, परता में 70.97 प्रतिशत और पिपरा बगाही में 72.09 प्रतिशत ही धान की रोपनी हो सकी है. इन क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा सीमित होने के कारण किसानों को मानसून पर अधिक निर्भर रहना पड़ता है.
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शुरुआती दौर में सामान्य से कम हुई बारिश
जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज ने बताया कि जुलाई से लेकर 10 अगस्त तक जिले में सामान्य से कम बारिश हुई थी. इसके बावजूद जिले में धान का आच्छादन संतोषजनक है. पिछले सप्ताह से मौसम खरीफ फसल के अनुकूल बना हुआ है.
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बचे क्षेत्रों में जल्द पूरी होगी रोपनी
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि मौसम अनुकूल रहने के कारण जिले के बचे हुए क्षेत्रों में भी जल्द धान की रोपनी पूरी होने की उम्मीद है. विभाग की ओर से खरीफ फसल के आच्छादन की लगातार समीक्षा की जा रही है.
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