औरंगाबाद के कुटुंबा में केंद्रीय- नवोदय विद्यालय की मांग तेज, चिराग पासवान ने शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र

कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय या नवोदय विद्यालय खोलने की मांग जोर पकड़ रही है. आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े इस क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए यह पहल की गई है.

Kutumba Navodaya Vidyalaya Open Demand : कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय या नवोदय विद्यालय खोलने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की प्रदेश सचिव नीलम देवी की मांग पर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा है. उन्होंने कुटुंबा में दोनों में से किसी एक विद्यालय की स्थापना के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया है.

आर्थिक रूप से पिछड़ा है क्षेत्र

केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भेजे पत्र में नीलम देवी ने कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा है कि यह आर्थिक रूप से पिछड़ा इलाका है. क्षेत्र में दलित, महादलित और अन्य वंचित वर्ग के परिवारों की संख्या काफी अधिक है. इसके बावजूद कुटुंबा प्रखंड क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय या नवोदय विद्यालय नहीं है.

विद्यालय नहीं होने के कारण स्थानीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसरों के लिए दूसरे इलाकों पर निर्भर रहना पड़ता है. मांग में कहा गया है कि क्षेत्र में ऐसे विद्यालय की स्थापना होने से स्थानीय विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी.

झारखंड सीमा से सटा और पहाड़ी-जंगली इलाका

पत्र में कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का भी उल्लेख किया गया है. कुटुंबा झारखंड की सीमा से सटा हुआ क्षेत्र है और इसका बड़ा हिस्सा पहाड़ी एवं जंगली इलाकों से घिरा है. ऐसे भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों वाले क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय या नवोदय विद्यालय की स्थापना की मांग की गयी है.

नीलम देवी ने कहा है कि विद्यालय खुलने से स्थानीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा. खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी.

चिराग पासवान ने शिक्षा मंत्री से की पहल की मांग

नीलम देवी की मांग को गंभीरता से लेते हुए चिराग पासवान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विद्यालय की स्थापना को लेकर आवश्यक निर्देश देने की मांग की है.

कुटुंबा में केंद्रीय विद्यालय या नवोदय विद्यालय की स्थापना होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए दूर के इलाकों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है. साथ ही स्थानीय बच्चों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अंबुज कुमार

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >