Aurangabad News: औरंगाबाद जिले के कुटुंबा प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत मंगलवार को विशेष 'सखी वार्ता' कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास निगम, औरंगाबाद अंतर्गत 'जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन' द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया. कार्यक्रम के अंत में किशोरियों के बीच एमएचएम (मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन) किट का वितरण कर उन्हें स्वस्थ और सुरक्षित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया.
सामाजिक कुरीतियों व कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह, लैंगिक हिंसा, घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा, लैंगिक भेदभाव, किशोरियों के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, शिक्षा के महत्व तथा महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई. जेंडर स्पेशलिस्ट चंदन कुमार ने मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, महिला हेल्पलाइन-181, वन स्टॉप सेंटर तथा मिशन शक्ति योजना के बारे में बताया और संकट की स्थिति में हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया. वहीं जेंडर स्पेशलिस्ट श्यामली कुमारी ने सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणामों पर चर्चा करते हुए कहा कि शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियां ही समाज में बदलाव की सबसे बड़ी ताकत हैं.
बेटियों की शिक्षा ही विकास की नींव
जिला परियोजना प्रबंधक विनय प्रताप सिंह ने कहा कि बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण ही समाज के समग्र विकास की नींव है. उन्होंने छात्राओं से शिक्षा को जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य बनाने और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है. इस दौरान किशोरियों को स्वच्छता संबंधी आवश्यक जानकारी देने के साथ एमएचएम किट बांटे गए. इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण, विद्यालय कर्मी तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं.
