औरंगाबाद में बाढ़ के पानी में डूबी फसलें, नुकसान का जायजा लेने खेतों में पहुंचीं कृषि विभाग की टीमें ; किसनों को जल्द मिलेगा सहायता

औरंगाबाद जिले में भारी बारिश और बाढ़ ने किसानों की खड़ी फसलों को डुबो दिया है. कृषि विभाग की टीमें खेतों में पहुंचकर फसल नुकसान का जायजा ले रही हैं. पानी उतरने के बाद ही वास्तविक क्षति का पता चल पाएगा.

औरंगाबाद जिले में बारिश, बाढ़ और जलजमाव ने खेतों में खड़ी फसलों की चिंता बढ़ा दी है. कई इलाकों में खेतों में पानी जमा है, जिसके कारण फसलों की स्थिति प्रभावित हुई है. अब कृषि विभाग ने संभावित फसल नुकसान का आकलन करना शुरू कर दिया है. जिला प्रशासन के निर्देश पर कृषि विभाग की टीमें जिले के सभी प्रखंडों में खेतों का जायजा ले रही हैं और जलमग्न रकबे से लेकर प्रभावित फसलों तक की जानकारी जुटा रही हैं.

कृषि विभाग के पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार और अन्य संबंधित कर्मी लगातार क्षेत्र भ्रमण कर रहे हैं. टीमों की नजर खास तौर पर उन खेतों पर है, जहां बारिश और बाढ़ का पानी जमा है और फसलें जलमग्न हैं. शुरुआती निरीक्षण में खेतों की मौजूदा स्थिति, पानी की गहराई, प्रभावित क्षेत्र और फसलों पर पड़े संभावित असर की जानकारी दर्ज की जा रही है.

विभाग फसल नुकसान का आंकड़ा जारी नही कर रही

हालांकि, अभी विभाग फसल नुकसान का अंतिम आंकड़ा जारी करने की स्थिति में नहीं है. इसकी सबसे बड़ी वजह खेतों में जमा पानी है. जब तक पानी पूरी तरह नहीं उतरता, तब तक यह स्पष्ट करना मुश्किल है कि फसल को वास्तव में कितना नुकसान हुआ है.

अभी सिर्फ संभावित नुकसान का आकलन क्यों?

बारिश और बाढ़ के बाद खेतों में पानी जमा होने से फसलों की वास्तविक स्थिति तुरंत सामने नहीं आती. कई जगह फसलें पानी में डूबी हुई हैं, जबकि कुछ खेतों में जलजमाव कम होने के बावजूद फसलों पर उसका असर पड़ा है.

ऐसे में कृषि विभाग की टीमें फिलहाल प्रारंभिक जानकारी जुटा रही हैं. किस इलाके में कितने रकबे में पानी जमा है, कौन-कौन सी फसल प्रभावित हुई है और नुकसान की स्थिति कितनी गंभीर है, इसका विवरण तैयार किया जा रहा है.

पानी उतरने के बाद होगा फसल नुकसान का पूरा जानकारी

अभी किए जा रहे निरीक्षण को संभावित नुकसान का आकलन माना जा रहा है. फसल पूरी तरह खराब हुई है या कुछ हिस्से को नुकसान पहुंचा है, इसका सही आकलन पानी उतरने के बाद ही हो सकेगा.

पानी उतरने के बाद दोबारा खेतों में पहुंचेंगी टीमें

कृषि विभाग के अनुसार, जिन इलाकों में अभी खेत जलमग्न हैं, वहां पानी कम होने के बाद दोबारा स्थल निरीक्षण कराया जाएगा. इस दौरान फसलों की वास्तविक स्थिति को देखा जाएगा और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा.

यानी मौजूदा सर्वे के आधार पर नुकसान का अंतिम आंकड़ा तय नहीं होगा. पानी उतरने के बाद होने वाले दूसरे निरीक्षण में यह स्पष्ट किया जाएगा कि जलजमाव से फसल को कितना वास्तविक नुकसान हुआ है.

विभाग किसानों से भी कर रही संपर्क

विभागीय टीम किसानों से भी लगातार संपर्क कर रही हैं. किसानों से फसलों की स्थिति और जलजमाव से संबंधित जानकारी ली जा रही है, ताकि सरकारी स्तर पर तैयार होने वाली रिपोर्ट में जमीनी स्थिति को शामिल किया जा सके.

किसानों के लिए आगे क्या होगा?

फसल नुकसान का विस्तृत आकलन पूरा होने के बाद संबंधित विभागीय प्रावधानों और दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि फसल क्षति के आकलन की प्रक्रिया गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ की जा रही है.

फिलहाल किसानों को अंतिम नुकसान की रिपोर्ट का इंतजार करना होगा. जिन क्षेत्रों में अभी पानी जमा है, वहां वास्तविक स्थिति पानी उतरने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी. इसके बाद कृषि विभाग की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित फसलों और किसानों की स्थिति का विस्तृत आकलन सामने आएगा.

विभाग ने दिए निर्देश

जिला प्रशासन ने कृषि विभाग की टीम को क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने और किसानों के साथ समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया है. ऐसे में आने वाले दिनों में जलमग्न खेतों से पानी निकलने के साथ फसल नुकसान की तस्वीर भी और साफ होने की उम्मीद है.

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By सुधीर कुमार सिन्हा

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