दाउनगर नप के पार्षदों ने इओ के स्पष्टीकरण का दिया जवाब

19 बिंदुओं पर ईओ व मुख्य पार्षद ने मांगा था जवाब, अब पार्षदों ने ही जवाब के साथ किया सवाल

19 बिंदुओं पर ईओ व मुख्य पार्षद ने मांगा था जवाब, अब पार्षदों ने ही जवाब के साथ किया सवाल

प्रतिनिधि, दाउदनगर.

29 मार्च को बजट पर नगर पर्षद की बैठक के बाद उठा मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. मुख्य पार्षद अंजलि कुमारी के निर्देशानुसार 28 अप्रैल को ईओ ऋषिकेश अवस्थी ने तीन वार्ड पार्षदों को स्पष्टीकरण संबंधित पत्र लिखकर उनसे जवाब मांगा था. अब दो वार्ड पार्षदों द्वारा स्पष्टीकरण के जवाब में जो पत्र दिया गया है, उसमें 19 बिंदुओं पर मुख्य पार्षद और इओ से जवाब मांगा गया है. वार्ड पांच के पार्षद बसंत कुमार व वार्ड 24 के पार्षद राधा रमन पुरी द्वारा दिये गये जवाब में बजट प्राक्कलन वित्तीय वर्ष 2025-26 मामले में बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 के प्रावधानों व उसकी सुसंगत धाराओं व उप धाराओं का उल्लंघन करने का आरोप मुख्य पार्षद व इओ पर लगाया गया है. नगर पर्षद के बजट प्राक्कलन की विरचना व तैयारी, उसकी प्रस्तुति स्वीकृति अंगीकरण आदि की प्रावधानित तिथियों व अभिनिश्चित समय सीमा के तहत और उसके अनुरूप संपादित व निष्पादित नहीं करने का आरोप लगाया गया है. तीन पन्नों के जवाब में कहा गया है कि क्या यह सत्य नहीं है कि 29 मार्च के आयोजित विशेष बैठक में पंजी पुस्तिका में उपस्थिति दर्ज कराये जाने के औपचारिकता के सिवा अन्य कोई क्रिया-कलाप एवं काम-काज संपन्न नहीं हो सका. अपनी नाकामी को छुपाने के उद्देश्य से अपनी पहले की योजना के तहत विशेष बैठक में हंगामा युक्त स्थिति उत्पन्न कर दी गयी. क्या यह सत्य नहीं है कि आप दोनों द्वारा उक्त तथाकथित विशेष बैठक में भी नगर पर्षद का बजट-बजट प्राक्कलन पारित नहीं कराया जा सका और उसकी स्वीकृति नहीं कराई गई और उसे अंगीकृत नहीं कराया गया. क्या यह सत्य व सही नहीं है कि नगर पर्षद में किये गये कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की बिंदुआर लिखित शिकायत आवश्यक जांच और विधि सम्मत कार्रवाई किये जाने के लिए पूर्व में मेरे (दोंनो पार्षद)व अन्य पार्षद ने पूर्व में शासनिक-प्रशासनिक स्तर पर पत्र प्रेषित किया गया है, जिससे आप द्वय भली भांति अवगत हैं. पत्र में कहा गया है कि कथित तौर पर विधि- विरुद्ध कृत्य को शासनिक- प्रशासनिक नजरों से छिपाने और होने वाली जांच व सुनिश्चित होने वाली अवश्संभावी कार्रवाई से स्वयं को बचाने की बेचैनी में हम जैसे पार्षदों को पत्र भेजकर सार्वजनिक नजरों में मानहानि करने और गरिमा को गिराने का कृत्य किया गया है. दोनों वार्ड पार्षदों ने मुख्य पाषर्द व ईओ से पत्र में कहा है कि पत्र प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर उनके प्रमाणिक आधार पर आधारित यथाअंकित बिंदुओं पर प्रतिउत्तर प्रेषित करना सुनिश्चित करें और अपने प्रतिउत्तर से डीएम को भी अवगत कराने का कष्ट करें. ऐसा नहीं किये जाने की स्थिति में आप दोनों के विरुद्ध अपराधिक व दीवानी दोनों प्रकार के मुकदमा दर्ज व दाखिल करा दिया जायेगा. इस संबंध में इओ ऋषिकेश अवस्थी ने बताया कि दो पार्षदों का जवाब आया है. इस मामले में मुख्य पार्षद को अवगत कराते हुए उनसे डिस्कशन किया जायेगा.

क्या है मामला

29 मार्च को बजट पर नगर पर्षद बोर्ड की हंगामेदार बैठक हुई थी. मुख्य पार्षद अंजलि कुमारी ने इओ को पत्र लिखकर कहा था कि बजट की बैठक में कुछ पार्षदों द्वारा कार्यवाही पुस्तिका को लेकर हाथापाई करते हुए पाया गया व इसे लेकर लोग बाहर चले गये. ऐसे कृत्य करने वाले लोगों को चिह्नित करते हुए निर्मानुकूल कार्रवाई की जाये, ताकि पुनरावृत्ति न हो. मुख्य पार्षद के इस पत्र के आलोक में इओ ऋषिकेश अवस्थी ने वार्ड संख्या पांच के पार्षद बसंत कुमार, वार्ड 22 के पार्षद डॉ केदारनाथ सिंह व वार्ड 24 के वार्ड पार्षद राधा रमन पूरी को 28 अप्रैल को नोटिस किया था. जिसका जवाब राधा रमन पूरी और बसंत कुमार द्वारा पांच मई को दिया गया है. सूत्रों से पता चला कि 13 मई को नगर पर्षद बोर्ड की बैठक होने वाली है. अब देखना यह होगा कि अगली बैठक किस प्रकार होती है और विपक्षी खेमे के पार्षदों की क्या भूमिका रहती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sujit kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >