राजस्व संग्रह में जिले का बेहतर प्रदर्शन, राज्य में मिला तीसरा स्थान

जिले में खुशी और उत्साह का माहौल

जिले में खुशी और उत्साह का माहौल

प्रतिनिधि, औरंगाबाद शहर.

औरंगाबाद जिले ने एक बार फिर अपनी प्रशासनिक दक्षता का परिचय देते हुए पूरे बिहार में राजस्व वसूली के क्षेत्र में तीसरा स्थान प्राप्त किया है. राज्य सरकार की ओर से जारी जून महीने की रैंकिंग में औरंगाबाद जिले को यह गौरव प्राप्त हुआ है. इस उपलब्धि को लेकर जिले में खुशी और उत्साह का माहौल है. जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री के कुशल नेतृत्व और राजस्व विभाग की प्रतिबद्धता के कारण यह परिणाम संभव हो पाया है. जून माह में औरंगाबाद जिले की राजस्व प्राप्ति का प्रतिशत 68.61 रहा, जो प्रदेश के औसत से काफी अधिक है. जिले के सभी अंचलों और कर्मियों ने समन्वय के साथ कार्य कर यह सफलता हासिल की है. खास बात यह है कि मई माह में भी जिले ने तीसरे स्थान पर रहकर निरंतर प्रदर्शन की स्थिरता को बनाये रखा था. इससे यह साबित होता है कि औरंगाबाद अब प्रदर्शन के मामले में सिर्फ अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी रूप से उच्च श्रेणी में आ चुका है. सबसे अधिक सराहना हसपुरा अंचल की हो रही है, जिसने पहला स्थान पर पाया है. हसपुरा अंचल की यह सफलता बाकी अंचलों के लिए प्रेरणा बन गयी है.

जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की सक्रियता और नियमित निगरानी इस सफलता के मुख्य आधार है. वह लगातार अधिकारियों और कर्मियों के साथ बैठकें करते हैं, समस्याओं का समाधान ढूंढते हैं और टीम को सकारात्मक ऊर्जा के साथ काम के लिए प्रेरित करते हैं. उनके नेतृत्व में पूरे जिले में जवाबदेही की संस्कृति विकसित हुई है, जिससे कार्यक्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है. बताया गया कि राजस्व प्राप्ति एक जिला प्रशासन के लिए सिर्फ आंकड़ा नहीं होता, यह प्रशासनिक प्रबंधन, जमीनी कार्यों और आमजन के विश्वास का परिणाम होता है.

डीएम की मेहनत व समर्पण असली ताकत

राजस्व बढ़ने का अर्थ है कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे जिले के समग्र विकास को गति मिलेगी. अब औरंगाबाद प्रशासन का अगला लक्ष्य पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त करना है. जिलाधिकारी ने साफ कहा कि यह सफलता अंतिम नहीं, बल्कि एक पड़ाव है. हम सब मिलकर मेहनत करेंगे और अगली रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त करेंगे. उन्होंने सभी संबंधित कर्मियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण ही जिले की असली ताकत है. इस उपलब्धि के बाद जिले के सभी विभागों में उत्साह का माहौल है और एक नयी ऊर्जा के साथ राजस्व सुधार के लिए अभियान तेज कर दिया गया है. अब देखना यह होगा कि आने वाले महीनों में औरंगाबाद जिले का प्रदर्शन किस ऊंचाई को छूता है.

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By SUJIT KUMAR

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