70 साल बाद भी सड़क का इंतजार... औरंगाबाद के इस गांव में चारपाई पर अस्पताल पहुंचते हैं मरीज, विकास से कोसों दूर ग्रामीण

औरंगाबाद जिले का बाहर डोकरी गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से महरूम है. डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ते देश में इस गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है. सड़क के अभाव में ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा और दैनिक जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड की उत्तरी उमगा पंचायत अंतर्गत बाहर डोकरी गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है. देश जहां डिजिटल इंडिया की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं इस गांव तक पहुंचने के लिए अब तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है. सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

महज तीन किलोमीटर की दूरी, लेकिन सफर बेहद कठिन

बाहर डोकरी गांव प्रखंड मुख्यालय से केवल तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. इसके बावजूद सड़क नहीं होने से यह दूरी ग्रामीणों के लिए चुनौती बन गई है. खासकर बरसात के मौसम में कीचड़ और जलजमाव के कारण गांव का संपर्क लगभग कट जाता है, जिससे लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है.

बीमारों को चारपाई पर अस्पताल ले जाने की मजबूरी

सड़क नहीं होने का सबसे अधिक असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि किसी व्यक्ति के बीमार होने पर वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते. ऐसे में मरीजों को चारपाई पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है. समय पर इलाज नहीं मिलने से कई बार मरीजों की हालत गंभीर हो जाती है.

बच्चों की पढ़ाई भी हो रही प्रभावित

गांव में सड़क की सुविधा नहीं होने से स्कूली बच्चों को प्रतिदिन पैदल स्कूल जाना पड़ता है. बरसात के दिनों में रास्ता कीचड़ से भर जाने के कारण कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते. इससे उनकी पढ़ाई पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.

गली और नाली के अभाव में बढ़ रही समस्याएं

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पक्की गली और नाली का भी अभाव है. जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश के दौरान जगह-जगह पानी जमा हो जाता है. इससे गंदगी फैलती है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है.

चुनाव में वादे, लेकिन आज तक नहीं हुआ विकास

ग्रामीणों का आरोप है कि हर चुनाव के समय जनप्रतिनिधि सड़क निर्माण सहित बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही ये वादे भूल जाते हैं. वर्षों बाद भी गांव की स्थिति जस की तस बनी हुई है.

महादलित परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित

गांव में करीब 40 से 50 महादलित परिवार रहते हैं, जिन्हें सड़क, गली और नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है. ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्य नहीं होने से उनका जीवन बेहद कठिन हो गया है.

प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से बाहर डोकरी गांव में शीघ्र पक्की सड़क, गली और नाली निर्माण कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.


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By Vinay singh

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