PMJAY : औरंगाबाद में गांव-गांव पहुंच रहा आयुष्मान का र्काड लाभ, शिविर लगाकर 18 बुजुर्गों का बनाया गया कार्ड

आयुष्मान भारत योजना का लाभ अब औरंगाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों में भी आसानी से मिल रहा है. रफीगंज प्रखंड के मई गांव में लगे शिविर में 18 बुजुर्गों को 'आयुष्मान वय वंदना कार्ड' जारी किए गए, जिससे उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलना आसान हो गया है. यह पहल जरूरतमंदों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.

Ayushman Card : औरंगाबाद जिले में आयुष्मान भारत योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने की कोशिश लगातार जारी है. सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का फायदा किसी जरूरतमंद को जानकारी या प्रक्रिया की कमी के कारण न छूटे, इसके लिए गांवों में शिविर लगाकर लोगों को योजना से जोड़ा जा रहा है. रफीगंज प्रखंड के मई गांव स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में गुरुवार को निःशुल्क आयुष्मान वय वंदना कार्ड शिविर लगाया गया.

आयुष्मान भारत जिला क्रियान्वयन इकाई के सहयोग से स्वयंसेवी संस्था पथ प्रदर्शक की ओर से आयोजित इस शिविर में करीब 40 ग्रामीण पहुंचे. पात्रता का सत्यापन किए जाने के बाद 18 बुजुर्गों का आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाया गया. कार्ड बनने के बाद बुजुर्गों को योजना के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने का रास्ता आसान होगा.

पात्र लोगों तक योजना पहुंचाने पर जोर

आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना है. इसके लिए सरकारी स्तर पर पात्र लाभुकों की पहचान और उनका कार्ड बनाने की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित ऐसे शिविर इस काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, क्योंकि यहां लोगों को एक ही जगह पात्रता सत्यापन और कार्ड बनवाने की सुविधा मिल रही है.

संस्था पात्र लोगों को दिला रही लाभ

प्रभारी जिला कार्यक्रम समन्वयक रंजीत कुमार ने पथ प्रदर्शक संस्था के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि संस्था लगातार पात्र लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिलाने में सहयोग कर रही है.

वहीं, पथ प्रदर्शक के संस्थापक सह सचिव बमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि संस्था वर्ष 2021 से आयुष्मान भारत योजना को लेकर जागरूकता अभियान चला रही है. उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संस्था की पहल आगे भी जारी रहेगी.

कार्ड के साथ बुजुर्गों की आंखों की भी हुई जांच

मई गांव के इसी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर बुधवार को भी स्वास्थ्य से जुड़ा शिविर आयोजित किया गया था. रोमास्का आई सेंटर, रफीगंज के सहयोग से लगाए गए नेत्र जांच शिविर में करीब 35 ग्रामीणों की आंखों की जांच की गई.

जांच के दौरान आठ बुजुर्ग ऐसे पाए गए, जो मोतियाबिंद ऑपरेशन के योग्य थे. संस्था के सचिव बमेंद्र कुमार सिंह ने इन बुजुर्गों का निःशुल्क ऑपरेशन कराने का आश्वासन दिया.

बुजुर्गों को दूर जाने की जरूरत नहीं

इस तरह लगातार दो दिनों तक चले स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों को सरकारी स्वास्थ्य योजना से जोड़ने के साथ आंखों की जांच जैसी जरूरी सुविधा भी उपलब्ध कराई गई. खासकर बुजुर्गों के लिए यह पहल महत्वपूर्ण रही, क्योंकि उन्हें कार्ड बनवाने और स्वास्थ्य जांच के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ी.

ग्रामीण स्तर पर पहुंच रही स्वास्थ्य सुविधाएं

मई गांव में आयोजित शिविर यह दिखाता है कि आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए सिर्फ जिला या प्रखंड स्तर पर ही नहीं, बल्कि गांवों में भी गतिविधियां की जा रही हैं. पात्र लोगों की पहचान, सत्यापन और कार्ड निर्माण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं.

शिविर में स्वास्थ्य सुविधाओं दी गई जानकारी

शिविर में धनंजय कुमार, मनीष कुमार, साबिया परवीन, एएनएम शोभा कुमारी, आशा रेनू कुमारी, रंभा कुमारी, सुजाता, रेनू देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे. ग्रामीणों को योजना और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी जानकारी भी दी गई.

शिविर में प्रभारी जिला कार्यक्रम समन्वयक के साथ अन्य

शिविर का उद्घाटन प्रभारी जिला कार्यक्रम समन्वयक रंजीत कुमार, गोरडीहा पंचायत के मुखिया विजय कुमार सिंह, सीएचसी रफीगंज के विकास कुमार सिंह और पथ प्रदर्शक के संस्थापक सह सचिव बमेंद्र कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इस मौके पर रंजीत कुमार और आईटी सेल की नीतू कुमारी भी मौजूद रहीं.

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By सुधीर कुमार सिन्हा

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