औरंगाबाद बनेगा उद्योग हब, 500 एकड़ में विकसित होगा इंडस्ट्रियल जोन

भूमि चिह्नित शीघ्र अधिग्रहण की प्रक्रिया होगी शुरू, स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार के बेहतर अवसर

भूमि चिह्नित शीघ्र अधिग्रहण की प्रक्रिया होगी शुरू, स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार के बेहतर अवसर

औरंगाबाद शहर. औरंगाबाद जिले में औद्योगिक विकास को लेकर एक बड़ी पहल की जा रही है. जिले में 500 एकड़ भूमि पर इंडस्ट्रियल जोन की स्थापना की जायेगी. इसकी जानकारी डीएम श्रीकांत शास्त्री ने सोमवार को प्रेसवार्ता में दी. उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत 450 एकड़ भूमि में विभिन्न उद्योग स्थापित किये जायेंगे, जबकि शेष 50 एकड़ भूमि पर इंडस्ट्री टाउनशिप का निर्माण किया जायेगा. यह कदम जिले के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करायेगा. जो युवा उद्योग लगाना चाहेंगे, उन्हें सुगमता प्रदान की जायेगी. इसके लिए भूमि चिह्नित कर ली गयी है. शीघ्र अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी. आने वाले समय में औरंगाबाद उद्योग का बड़ा हब होगा. डीएम ने इस दौरान विभिन्न विभागों के माध्यम से चलायी जा रही कल्याणकारी योजनाओं से भी अवगत कराया. उन्होंने बताया कि आज बनेगा कल का बिहार के तहत पोर्टल लांच किया गया है. युवा अपना आइडिया इस पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं. एक हजार युवाओं का चयन होगा, जिन्हें बेहतर आइडिया के लिए पुरस्कार दिया जायेगा. 14 से 22 जुलाई तक आईटीआई, पॉलिटेक्निक सहित अन्य कॉलेजों व संस्थानों में जाकर युवाओं को जानकारी दी जायेगी और उन्हें जागरूक किया जायेगा. कृषि, जिला बाल संरक्षण इकाई, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना तथा सामाजिक सुरक्षा कोषांग सहित अन्य विभागों के कार्यों व योजनाओं के बारे में जानकारी दी.

जिले में 14512 हेक्टेयर में धान रोपनी हुई

वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहान एप के माध्यम से पंचायत स्तरीय कृषि समन्वयकों द्वारा 172000 हेक्टेयर राजस्व ग्रामवार आच्छादन लक्ष्य आंकड़ा इंट्री की गयी है. आच्छादन लक्ष्य 172000 हेक्टेयर के विरुद्ध 14512 हेक्टेयर में धान रोपनी हुई है. धान रोपनी की प्रगति तेजी से रही है. इसके बाद जिले में आवंटित उर्वरक के बारे में भी बताया. खरीफ बीज वितरण, मुख्यमंत्री तीब्र बीज विस्तार योजना, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना आदि की प्रगति से अवगत कराया. कृषि यांत्रिकीकरण योजना से संबंधित जानकारी देते हुए बताया कि ओएफएमएएस पोर्टल के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य योजना अंतर्गत कृषि यांत्रिकरण योजना में 1613 किसानों के बीच विभिन्न यंत्रों पर 142.241 लाख अनुदान दिया गया. कस्टम हायरिंग सेंटर के तहत विभिन्न यंत्रों की खरीदारी पर 16 लाख रुपये का अनुदान दिया गया. स्पेशल कस्टम हायरिंक सेंटर के तहत विभिन्न यंत्रों पर 72 लाख रुपये का अनुदान दिया गया.

180479 किसानों को मिल रहा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले में 247044 किसानों द्वारा ऑनलाइन आवेदन दिया गया. इसमें जांच के बाद 180479 किसानों को योजना का लाभ दिया जा रहा है. मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का भी लाभ दिया जा रहा है. जिले में 5758 मिट्टी नमूना संग्रहित कर जांच की गयी और इसके बाद 1020 कार्ड निर्गत किया गया है. जिलाधिकारी ने जिला बाल संरक्षण इकाई के तहत बाल सहायता योजना, परवरिश योजना, स्पांशरशिप योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आदि के बारे में बताया. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत वर्तमान में विभाग द्वारा सफलतापूर्वक 22772 लाभुकों को भुगतान किया गया है. इसके अलावा भी उन्होंने कई योजना के बारे में जानकारी दी. इस मौके पर डीपीआरओ रत्ना प्रियदर्शनी मौजूद थीं.

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By Sudhir kumar singh

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