Aurangabad News : नगर पर्षद ने आठ वाटर एटीएम को कराया चालू

Aurangabad News: बढ़ते गर्मी को देखते हुए नप प्रशासन ने उठाया कदम

दाउदनगर. दिन-प्रतिदिन गर्मी बढ़ती जा रही है. भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में लोगों को गला तर करने के लिए शुद्ध पेयजल की जरूरत है. लेकिन दाउदनगर शहर में आनेवाले लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए लोगों को होटल व घरों का सहारा लेना पड़ता है या फिर होटल में बिकने वाले बोतल बंद शीतल जल का. हालांकि, नगर पर्षद द्वारा शहरी क्षेत्र में 11 स्थानों पर वाटर एटीएम का निर्माण कराया गया है. कुछ दिन पहले तक इनमें से अधिकतर वाटर एटीएम खराब हालत में थे. अब कुछ की मरम्मति करा दी गयी है और उसे चालू कर दिया गया है. इओ ऋषिकेश अवस्थी ने बताया कि आठ स्थानों का वाटर एटीएम बनवाकर उसे चालू कर दिया गया है. तीन स्थानों का वाटर एटीएम कुछ तकनीकी कारणों से नहीं चालू हो पाया है. गौरतलब है कि शहर में 11 स्थानों पर नगर पर्षद द्वारा वाटर एटीएम बनवाया गया था. इन स्थानों में मौलाबाग सूर्य मंदिर के पास, बालिका इंटर स्कूल के पास, चावल बाजार, पटना के फाटक, चर्च गेट के पास, किला के पास, शहीद प्रमोद सिंह चौक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडल कार्यालय के पास आदि शामिल हैं. हालांकि अनुमंडल कार्यालय के पास का वाटर एटीएम बंद ही पड़ा है. जानकारी के अनुसार जो वाटर एटीएम बंद पड़े थे, उनमें किसी में कुछ खराबी आ गयी थी, तो किसी का नल का टोटी ही टूटा था.

क्या कहते हैं इओ

इओ ऋषिकेश अवस्थी ने बताया कि आठ स्थानों का वाटर एटीएम चालू करा दिया गया है. मेंटनेंस के लिए 11 महीने एक एजेंसी को नियुक्त किया गया है. वाटर एटीएम में एक चिप लगायी जा रही है. ऑटोमेटिक एक लेबल के बाद पानी कम होगा तो चालू कर देगा टंकी और एक लेबल के बाद पानी भर जायेगा तो टंकी बंद कर देगा. वाटर कूलर की फैसिलिटी रहेगी.

वाटर कूलर का कोई अता-पता नहीं

अनुमंडल मुख्यालय की हृदयस्थली माने जाने वाली भखरुआं मोड़ पर लोगों के भारी संख्या में आवागमन को देखते हुए लगभग चार वर्ष पहले तत्कालीन एसडीओ की पहल पर पटना रोड में वाटर कूलर लगाया गया था, जो बाद में खराब हो गया. अब इसका कोई अता-पता नहीं है. यह इलाका तरारी पंचायत के अंतर्गत आता है. भखरुआं मोड़ के इलाकों में लोगों के लिए आसपास के होटल, घर और बोतल बंद पानी ही सहारा रह गया हैं. भीषण गर्मी में लोगों को पानी पीने के लिए बाजार के होटल या घरों का सहारा लेना पड़ता है. शुद्ध पेयजल नहीं मिलने की स्थिति में बोतल बंद पानी भी खरीदना पड़ता है.

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By AMIT KUMAR SINGH_PT

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