नवीनगर में नुक्कड़ नाटक के जरिए बाढ़ सुरक्षा को लेकर जागरूकता, ग्रामीणों को सिखाए गए बचाव के गुर

Aurangabad News: औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड के विभिन्न गांवों में बाढ़ सुरक्षा सप्ताह के तहत नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया. कलाकारों ने नाटक के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने, अफवाहों से बचने और बुजुर्गों-बच्चों की विशेष देखभाल करने जैसे महत्वपूर्ण संदेश दिए.

Aurangabad News: (मुकेश कुमार की रिपोर्ट) औरंगाबाद जिले में आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन के निर्देश पर 1 जून से 7 जून तक ‘बाढ़ सुरक्षा सप्ताह’ मनाया जा रहा है. इसी कड़ी में नवीनगर प्रखंड अंतर्गत रविदास टोला, डिहवार मंदिर लेम्बो खाप सिन्दूरिया तथा अंबेडकर नगर में आम नागरिकों को बाढ़ के संभावित खतरों एवं सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया. इन जागरूकता कार्यक्रमों में स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी.

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से मंझे हुए कलाकारों ने बेहद प्रभावी ढंग से प्रदर्शन कर ग्रामीणों को समझाया कि बाढ़ आने पर घबराने की बजाय सूझबूझ से काम कैसे लिया जाए. नाटक के जरिए मुख्य रूप से निम्नलिखित महत्वपूर्ण संदेश दिए गए:

  • सुरक्षित शरण: बाढ़ का पानी बढ़ने से पहले ही चिन्हित सुरक्षित और ऊँचे स्थानों पर शरण लें.
  • विशेष देखभाल: आपदा के समय बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों की सेहत व सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें.
  • अपवाहों से बचाव: सोशल मीडिया या आस-पास फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का ही पालन करें.
  • हेल्पलाइन का उपयोग: किसी भी आपात स्थिति या फंसे होने की सूरत में तुरंत सरकारी हेल्पलाइन नंबरों और राहत सेवाओं से संपर्क साधें.

ऊँचे स्थानों पर जाने की रखें तैयारी, बिजली के खंभों से रहें दूर

कार्यक्रम में उपस्थित अंचल और प्रखंड स्तरीय कर्मियों ने ग्रामीणों एवं स्थानीय नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि मॉनसून के दस्तक देते ही बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. ऐसे में पैनिक होने के बजाय पूर्व तैयारी सुनिश्चित रखें.

ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई कि वे बाढ़ या जलभराव के दौरान बिजली के पोल, ट्रांसफार्मर और खुले तारों से बिल्कुल दूर रहें. इसके अलावा तेज बहाव वाले पानी या नदियों-नहरों के किनारे सेल्फी लेने या तैरने की भूल कतई न करें. अधिकारियों ने बताया कि जिले के विभिन्न प्रखंडों में लगातार जन-जागरूकता कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और माइकिंग अभियान चलाया जा रहा है, ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति में जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को शून्य या न्यूनतम किया जा सके.

जिला प्रशासन की आम जनता से अपील

औरंगाबाद जिला प्रशासन ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे बाढ़ सुरक्षा संबंधी इन आवश्यक जानकारियों को केवल खुद तक सीमित न रखें, बल्कि अपने परिवार, रिश्तेदारों और आस-पास के लोगों तक भी पहुँचाएं. किसी भी आपातकालीन या जल-संकट की स्थिति में स्थानीय प्रशासन, मुखिया और आपदा मित्रों के साथ पूरा सहयोग करें ताकि समय रहते राहत कार्य चलाया जा सके.

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लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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