Aurangabad Crime News ( औरंगाबाद से सुजीत कुमार सिंह की रिपोर्ट) :
दाउदनगर थाना क्षेत्र के केशराड़ी निवासी किसान कुंदन यादव हत्याकांड में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. मामले के दो नामजद अभियुक्तों ने पुलिस के लगातार बढ़ते दबिश और कड़े रुख के बीच आखिरकार आत्मसमर्पण कर दिया है. आत्मसमर्पण करने वाले आरोपियों की पहचान दाउदनगर थाना क्षेत्र के केशराड़ी गांव निवासी सुरेंद्र सिंह और उनके पुत्र गौतम कुमार उर्फ छोटू के रूप में हुई है. दोनों ने औरंगाबाद के मुफस्सिल थाने में पहुंचकर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया.
औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंबरीश राहुल ने सरेंडर की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि न्यायालय के आदेश पर शुक्रवार को दोनों अभियुक्तों के घर कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसके डर से दोनों ने सरेंडर कर दिया.
19 मई को हुई थी किसान कुंदन यादव की हत्या, क्षेत्र में फैला था भारी आक्रोश
गौरतलब है कि बीते 19 मई की देर शाम दाउदनगर थाना क्षेत्र के भुईयां बिगहा के पास बेखौफ अपराधियों ने किसान कुंदन यादव की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी. इस सनसनीखेज वारदात के बाद से पूरे इलाके में गहरा आक्रोश था. मृतक के पुत्र द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कुल पांच लोगों को नामजद और कुछ अज्ञात अपराधियों को अभियुक्त बनाया गया था. इस हत्याकांड को लेकर पूरे क्षेत्र में लगातार जनांदोलन चलाए जा रहे थे. दाउदनगर में इंसाफ के लिए कैंडल मार्च से लेकर व्यापक प्रतिरोध मार्च तक निकाले गए थे. भाकपा माले और महागठबंधन के दिग्गज नेताओं व कार्यकर्ताओं ने भी सड़कों पर उतरकर आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की पुरजोर मांग की थी.
इश्तिहार तामिला के बाद की जा रही थी छापेमारी, शूटर की तलाश अब भी जारी
एसपी अंबरीश राहुल ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पहले ही एक नामजद और एक अप्राथमिकी आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. वहीं फरार चल रहे सुरेंद्र सिंह और गौतम कुमार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थीं. पुलिस ने पूर्व में ही न्यायालय द्वारा जारी इश्तिहार उनके घर पर चिपकाया था और शुक्रवार को जैसे ही कुर्की-जब्ती का डंडा चला, दोनों आरोपियों के हौसले पस्त हो गए. एसपी ने कड़े शब्दों में कहा कि कस्टडी में लिए गए दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है. इसके साथ ही वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य शूटर की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार प्रयास जारी हैं और उसे भी जल्द दबोच लिया जाएगा.
पुलिस महकमे के लिए बड़ी कामयाबी, अब शूटरों की गिरफ्तारी पर टिकीं नजरें
पुलिस प्रशासन और स्थानीय इंटेलिजेंस के लगातार कड़े इनपुट के कारण दोनों मुख्य अभियुक्तों का आत्मसमर्पण करना औरंगाबाद पुलिस के लिए एक बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि माना जा रहा है. जनहित और कानून-व्यवस्था के लिहाज से यह कार्रवाई बेहद अहम है, क्योंकि इस हत्याकांड के बाद राजनीतिक सरगर्मी भी काफी बढ़ गई थी. पिता-पुत्र के सलाखों के पीछे पहुंचने के बाद अब स्थानीय ग्रामीणों और आंदोलनकारी संगठनों की नजरें इस हत्याकांड के मुख्य शूटरों और बचे हुए आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी पर टिकी हुई हैं.
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