दाउदनगर-हसपुरा के ज्वेलर्स का विरोध, पुलिस कार्रवाई के खिलाफ बंद रहीं दुकानें

Aurangabad News: औरंगाबाद जिले के दाउदनगर और हसपुरा के स्वर्णाभूषण व्यवसायियों ने शुक्रवार को अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखीं. व्यवसायियों ने एसडीपीओ अशोक कुमार दास से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा और सुरक्षा और न्याय की मांग की.

Aurangabad News ( दाउदनगर से ओम प्रकाश की रिपोर्ट ) :
पुलिस द्वारा पकड़े गए चोरों के मनगढ़ंत बयानों के आधार पर स्वर्णाभूषण व्यवसायियों को बेवजह गिरफ्तार करने और मानसिक रूप से परेशान करने के विरोध में शुक्रवार को आभूषण विक्रेताओं ने कड़ा रुख अपनाया. इस मुद्दे को लेकर दाउदनगर और हसपुरा प्रखंड के ज्वेलर्स ने अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखीं और दाउदनगर शहर के लक्ष्मी भवन में एक आपात बैठक की. स्वर्णकार आभूषण व्यवसायी संघ की इस आक्रोश बैठक की अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र प्रसाद सर्राफ ने की. इस बंद के कारण करोड़ों रुपये का आभूषण कारोबार प्रभावित रहा और बाजारों में सन्नाटा पसरा दिखा.

दुकानदारों को उठाना गलत, प्रतिष्ठा और व्यापार को पहुंच रहा नुकसान

बैठक में शामिल राजकुमार खत्री, सुनील खत्री, उपेन्द्र कश्यप, गोपाल सोनी और रवि रंजन स्वर्णकार समेत कई बड़े दुकानदारों ने पुलिसिया कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए. व्यवसायियों ने एकजुट होकर कहा कि पुलिस चोरी के आरोपियों के बयानों पर आंख मूंदकर विश्वास कर लेती है और उनके कहने मात्र से प्रतिष्ठित दुकानदारों को थाना उठा ले जाती है, जो कि सरासर गलत है. इससे समाज में उनकी वर्षों की कमाई प्रतिष्ठा धूमिल होती है और उन्हें भारी आर्थिक और मानसिक बोझ का सामना करना पड़ता है. व्यवसायियों ने तर्क दिया कि जब दुकानदार उचित मूल्य देकर कोई जेवरात खरीदता है, तो उसे चोरी का माल बताकर संलिप्त मान लेना पूरी तरह अनुचित है.

संकट के समय जेवर बेचने आते हैं आम लोग

संघ के नेताओं ने व्यावहारिक समस्याओं को सामने रखते हुए कहा कि आम तौर पर लोग बच्चों की पढ़ाई की फीस भरने, गंभीर बीमारी का इलाज कराने, अथवा घर में दसकर्म व ब्रह्मभोज जैसे आवश्यक कार्यों के लिए आर्थिक तंगी के कारण अपने पुराने जेवरात बेचने सुनार के पास आते हैं. ऐसी संवेदनशील स्थिति में कोई भी दुकानदार यह कैसे तय कर सकेगा कि सामान बेचने आने वाला व्यक्ति वास्तविक मालिक है या कोई शातिर चोर. इस व्यवस्था के कारण निर्दोष आभूषण कारोबारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जिससे व्यापार करना कठिन होता जा रहा है.

एसडीपीओ अशोक कुमार दास को सौंपा ज्ञापन, पुलिस ने दी अनिवार्य रिकॉर्ड रखने की सलाह

व्यापक विचार-विमर्श के बाद स्वर्ण व्यवसायियों का एक प्रतिनिधिमंडल दाउदनगर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अशोक कुमार दास के कार्यालय पहुंचा और उन्हें अपनी मांगों से जुड़ा एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा. व्यवसायियों की चिंताओं को सुनने के बाद एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने उन्हें आश्वस्त किया और साथ ही सुरक्षा व पारदर्शिता के लिहाज से एक महत्वपूर्ण सलाह दी. उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी विवाद से बचने के लिए सभी दुकानदार पुराने या नए जेवर बेचने आने वाले ग्राहकों की स्पष्ट तस्वीर, उनका सरकारी पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) और बेचे जा रहे जेवरात के फोटो का डिजिटल या लिखित रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से अपने पास सुरक्षित रखें.

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Published by: Suryakant Kumar

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