दाउदनगर में अस्पताल और होटलों का फायर सेफ्टी ऑडिट, मॉक ड्रिल से सिखाए गए आग से बचाव के तरीके

Aurangabad News: औरंगाबाद जिले के दाउदनगर अनुमंडल में शनिवार को अग्निशमन विभाग की टीम ने संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया. जिला प्रशासन के निर्देश पर अनुमंडल अस्पताल, होटलों और रेस्टोरेंट का अग्नि सुरक्षा ऑडिट (फायर सेफ्टी ऑडिट) किया गया.

Aurangabad News (दाउदनगर से ओम प्रकाश की रिपोर्ट) :
भीषण गर्मी के मौसम में संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम और आपात स्थिति में आम लोगों की त्वरित सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अनुमंडल अग्निशामालय दाउदनगर की टीम द्वारा शनिवार को विभिन्न व्यावसायिक और सरकारी संस्थानों का गहन अग्नि सुरक्षा ऑडिट किया गया. इस विशेष अभियान के तहत अनुमंडल अस्पताल दाउदनगर, ‘द याराना रेस्टोरेंट’ और ‘चटकारा होटल’ में औचक जांच चलाई गई. अग्निशमन विभाग की टीम ने इन सभी संस्थानों में जाकर वहां स्थापित किए गए अग्निशमन यंत्रों, आपातकालीन निकास मार्गों (इमरजेंसी एग्जिट), वेंटिलेशन, विद्युत वायरिंग और बिजली के वास्तविक लोड (विद्युत भार) का बारीकी से निरीक्षण किया.

मॉक ड्रिल के जरिए दी गई ट्रेनिंग, कर्मचारियों ने सीखे आग बुझाने के गुर

निरीक्षण के साथ-साथ इन संस्थानों के कर्मचारियों और आम लोगों में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया. मॉक ड्रिल के दौरान उपस्थित दमकल कर्मियों ने लाइव डेमो देकर समझाया कि यदि अचानक शॉर्ट सर्किट या गैस रिसाव से आग लग जाए, तो प्रारंभिक अवस्था में ही उस पर कैसे काबू पाया जाए. कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार के अग्निशमन सिलेंडरों (फायर एक्स्टिंग्विशर) को सही तरीके से संचालित करने, गैस सिलेंडर की आग को सूती बोरे से ढंकने और धुएं से भरे कमरों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यावहारिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई.

उपकरणों को अपडेट रखने की हिदायत

यह सुरक्षा जांच अभियान औरंगाबाद की वरीय जिला समादेष्टा-सह-जिला अग्निशमन पदाधिकारी प्रभा कुमारी के विशेष निर्देश पर पूरे अनुमंडल क्षेत्र में चलाया गया. ऑडिट के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कुछ जगहों पर सुरक्षा मानकों में मामूली कमियां थीं, जिन्हें तुरंत दुरुस्त करने की सख्त चेतावनी दी गई. अधिकारियों ने सभी संस्थान प्रबंधकों को कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि वे अग्नि सुरक्षा मानकों का 100 प्रतिशत कड़ाई से पालन करें. साथ ही सभी सुरक्षा उपकरणों और पानी के हाइड्रेंट को हमेशा चालू (वर्किंग कंडीशन) स्थिति में रखें. लापरवाही बरतने वाले संस्थानों पर भविष्य में कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

जांच टीम में ये अधिकारी रहे शामिल, जन सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

इस विशेष जांच और ऑडिट अभियान का नेतृत्व अनुमंडल अग्निशामालय पदाधिकारी सोनाली कुमारी ने किया. उनके साथ मुख्य रूप से प्रधान अग्निक प्रेम कुमार साह, अग्निक चालक प्रकाश कुमार और अग्निक राजन कुमार साह सहित अग्निशमन विभाग के कई अन्य जवान व तकनीकी कर्मी मुस्तैद रहे. अभियान के अंत में अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि आम जनता की सुरक्षा और जानमाल की हिफाजत करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है. व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थानों पर अग्नि दुर्घटनाओं को शून्य पर लाने के लिए इस तरह के औचक निरीक्षण और जन-जागरूकता कार्यक्रम आगे भी लगातार जारी रहेंगे.

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Published by: Suryakant Kumar

सूर्यकांत कुमार प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर हैं. डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों का अनुभव रखते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल चैनल न्यूज रील्स से की. इसके बाद नेशन दर्पण और खबरिया जंक्शन में कार्य किया, जहां कंटेंट राइटिंग, वीडियो एडिटिंग और वॉयस ओवर से जुड़े विभिन्न कार्यों का अनुभव हासिल किया. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. वर्तमान में वे स्थानीय (हाइपरलोकल) खबरों पर काम कर रहे हैं. इसके अलावा खेल और मनोरंजन से जुड़ी खबरों में भी विशेष रुचि रखते हैं.

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