औरंगाबाद शहर. उत्तर कोयल जलाशय परियोजना की प्रगति की मॉनीटरिंग वरीय स्तर से की जा रही है. सोमवार को बिहार सरकार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परियोजना से संबंधित निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक में डीीएम अभिलाषा शर्मा, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी उपेंद्र पंडित, वरीय उप समाहर्ता रितेश कुमार यादव सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे. उत्तर कोयल जलाशय परियोजना झारखंड से प्रारंभ होकर बिहार के औरंगाबाद जिले के नवीनगर, कुटुंबा, देव, औरंगाबाद एवं मदनपुर प्रखंडों से होकर गया जिले में प्रवेश करती है. यह एक महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना है, जिसके अंतर्गत कुल 09 पैकेज (पैकेज-03 से पैकेज-11) शामिल हैं. परियोजना की कुल लंबाई 77.69 किलोमीटर है, जिसमें लगभग 12 किलोमीटर गया जिले में तथा शेष 61.69 किलोमीटर औरंगाबाद जिले में स्थित है. समीक्षा के दौरान परियोजना की भौतिक प्रगति, निर्माण कार्यों की स्थिति, भूमि अधिग्रहण, मानव संसाधन एवं मशीनरी की उपलब्धता सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गयी. परियोजना की समग्र भौतिक प्रगति 59.32 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि पिछले सात दिनों में 1.07 प्रतिशत की प्रगति हुई है. बैठक में बताया गया कि विभिन्न पैकेजों में लाइनिंग, स्ट्रक्चर निर्माण एवं अन्य कार्य तेजी से चल रहे हैं. पैकेज-03 एवं पैकेज-04 में लगभग 78 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि अन्य पैकेजों में भी निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है. मानव संसाधन एवं मशीनरी की उपलब्धता पर भी चर्चा की गयी. संबंधित एजेंसियों को आवश्यक मशीनरी और जनशक्ति सुनिश्चित कर कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया. वितरण प्रणाली से संबंधित निविदा प्रक्रिया की भी समीक्षा की गयी. जानकारी दी गयी कि नवीनगर, अंबा, औरंगाबाद एवं मदनपुर डिवीजन से संबंधित री-टेंडर प्रक्रिया प्रगति पर है तथा वाप्कोस को आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है. भूमि अधिग्रहण की स्थिति पर बताया गया कि औरंगाबाद जिले में कुल 41.251 हेक्टेयर भूमि में से 38.5734 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित कर ली गई है, जबकि शेष प्रक्रिया अंतिम चरण में है. गया जिले में 96.749 हेक्टेयर में से 88.045 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है. बैठक में यह भी बताया गया कि बिहार लैंड लीज पॉलिसी, 2014 के तहत औरंगाबाद जिले में 70 रैयतों में से 69 का निबंधन पूर्ण कर लिया गया है, जबकि एक रैयत का कार्य प्रक्रियाधीन है. अंत में मुख्य सचिव ने सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि परियोजना से क्षेत्र के किसानों को शीघ्र लाभ मिल सके.
Aurangabad news : समय पर उत्तर कोयल परियोजना का कार्य करें पूरा, ताकि किसानों को मिले लाभ
Aurangabad news:वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परियोजना की प्रगति की मुख्य सचिव ने की समीक्षा
