Aurangabad News: (औरंगाबाद से सुजीत कुमार सिंह) शहर में स्थित पुलिस केंद्र में 412 जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण के दौरान जवानों को आधुनिक पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देने के साथ उनकी शारीरिक और मानसिक क्षमता को भी विकसित किया जा रहा है. प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकांश जवान पटना क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं. पुलिस विभाग द्वारा जवानों को व्यवहारिक और तकनीकी दोनों प्रकार की ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि वे भविष्य में बेहतर ढंग से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें.
जवानों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
पुलिस उपाधीक्षक आकाश कुमार ने बताया कि जवानों को अलग-अलग सत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है. हर दिन सुबह शारीरिक अभ्यास, दौड़ और परेड से प्रशिक्षण की शुरुआत होती है. इसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, दंगा नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, हथियार संचालन और आपदा प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है.
आम लोगों से कैसे करें बेहतर व्यवहार
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षकों द्वारा जवानों को आम लोगों के साथ बेहतर व्यवहार और संवाद स्थापित करने के तरीके भी सिखाए जा रहे है. जवानों की शारीरिक दक्षता बढ़ाने के लिए योग प्रशिक्षण भी कराया जा रहा है. योग के माध्यम से उन्हें मानसिक तनाव से दूर रहने और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने की सीख दी जा रही है. योग सत्र में प्राणायाम, ध्यान और विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया जा रहा है.
मानसिक रुप से मजबूत रहे पुलिसकर्मी
अधिकारियों के अनुसार, पुलिसकर्मियों के लिए मानसिक रूप से मजबूत रहना उतना ही जरूरी है, जितना शारीरिक रूप से फिट रहना. प्रशिक्षण केंद्र में अनुभवी अधिकारियों और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की टीम तैनात की गई है. जवानों को व्यावहारिक परिस्थितियों से जोड़कर प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि ड्यूटी के दौरान वे किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना आसानी से कर सकें. प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, समय पालन और टीम भावना पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है.
मई माह के अंत तक चलेगा प्रशिक्षण
डीएसपी आकाश कुमार ने बताया कि यह प्रशिक्षण मई माह के अंत तक चलेगा. इसके बाद जवानों की परीक्षा ली जाएगी और सफल अभ्यर्थियों के लिए पासिंग आउट परेड का आयोजन किया जाएगा. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद जवानों की तैनाती विभिन्न जिलों और थानों में आवश्यकता के अनुसार की जाएगी. पुलिस विभाग का मानना है कि इस प्रकार का प्रशिक्षण जवानों को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने में काफी सहायक साबित होगा.
