उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित पावन धाम विंध्याचल में विंध्य शक्ति संघ के तत्वावधान में आयोजित 'अखिल भारतीय कजली महोत्सव-2026' में औरंगाबाद जिले की ख्यातिप्राप्त सांगीतिक संस्था दानिका संगीत महाविद्यालय के कलाकारों ने अपनी मनमोहक और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से समां बांध दिया.
संस्था के निदेशक डॉ. रविंद्र कुमार के कुशल नेतृत्व में शामिल हुए कलाकारों के दल ने पारंपरिक लोक गायन, वादन एवं शास्त्रीय नृत्य से पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया.
पारंपरिक कजरी गायन और भावपूर्ण नृत्य पर बजीं तालियां
महोत्सव के मुख्य मंच पर औरंगाबाद के कलाकारों ने सावन की फुहारों और लोक परंपरा को दर्शाने वाली शानदार प्रस्तुतियां दीं:
- सामूहिक कजरी गायन: प्रसिद्ध ठुमरी गायिका अंजली सिंह, चर्चित लोक गायिका शिवांगी सिंह, खुशबू कुमारी, निहारिका कुमारी, पल्लवी एवं शिखा भारद्वाज ने पारंपरिक कजरी गीत ‘भींजत आवे धनिया ए रामा’ की सुरीली प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया.
- कजरी लोकनृत्य: अमिषा गायकवाड़, रितिका राज, कोमल मिश्रा एवं अंजली यादव ने ‘कैसे खेले जयबू सावन में कजरिया’ गीत पर सधे हुए कदमों से मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी.
- वाद्य वादन: मंच पर संगत करते हुए वेद प्रकाश एवं रूपेश रौशन ने तबला व ढोलक वादन में शानदार कौशल दिखाया.
अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर कलाकारों का सम्मान
विंध्य शक्ति संघ की संरक्षिका वीणा सिंह, संरक्षक अशोक पांडेय, संयोजिका नीरा सिन्हा 'वर्षा', अध्यक्ष सुरेंद्र जायसवाल एवं प्रधान सचिव श्री उपाध्याय ने दानिका परिवार के सभी कलाकारों को अंगवस्त्र, पुष्पहार एवं स्मृति चिह्न (प्रतीक चिह्न) भेंट कर सम्मानित किया.
54 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा है कजली महोत्सव
विंध्य शक्ति संघ द्वारा लोक संस्कृति को सहेजने के लिए पिछले 54 वर्षों से लगातार अखिल भारतीय कजली महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. वहीं औरंगाबाद का दानिका परिवार भी पिछले एक दशक से हर वर्ष सावन में अपनी सहभागिता दर्ज करा रहा है. राज्य महोत्सव संघ के प्रवक्ता सुरेश विद्यार्थी ने सभी कलाकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन युवा प्रतिभाओं ने अपनी शानदार कला से राष्ट्रीय पटल पर औरंगाबाद जिले का गौरव बढ़ाया है.
