Aurangabad News: औरंगाबाद जिले में बढ़ते ट्रैफिक, लगातार लग रहे जाम और सड़क हादसों को कम करने के लिए एनएच-139 पर बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान तैयार किया गया है. शहर, रिसियप और अंबा बाजार को जाम से राहत देने के लिए करीब 36 किलोमीटर लंबा फोरलेन ग्रीनफील्ड बाईपास बनाया जाएगा. इस परियोजना का डीपीआर तैयार हो चुका है और मंजूरी मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी.
वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा
यह नया बाईपास पूरी तरह ग्रीनफील्ड होगा, यानी इसे नई जमीन पर विकसित किया जाएगा. इसकी शुरुआत औरंगाबाद सदर प्रखंड के खैरी गांव मोड़ से होगी. यह एनएच-139 पर स्थित है. यहां से यह रायपुरा इलाके से गुजरते हुए रिसियप और अंबा बाजार के पश्चिमी हिस्से से निकलेगा और आगे बन रहे वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा.
इस परियोजना के पूरा होने के बाद औरंगाबाद से डालटनगंज जाने वाले या वहां से पटना, जीटी रोड और दूसरे मेन रूट की ओर आने-जाने वाले वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा. वाहन सीधे बाईपास से गुजर सकेंगे. इससे शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव काफी कम होगा और लोगों को लंबी जाम समस्या से राहत मिलेगी.
पहले क्या योजना थी
पहले औरंगाबाद और अंबा के लिए अलग-अलग बाईपास की योजना थी, लेकिन दोनों क्षेत्रों की दूरी कम होने के कारण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इसे एक बड़े संयुक्त प्रोजेक्ट में बदलने का सुझाव दिया. इसके बाद कंसलटेंसी एजेंसी ने नया 36 किलोमीटर लंबा डीपीआर तैयार किया.
इस बाईपास की एक बड़ी खासियत यह भी होगी कि यह भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे एक्सप्रेसवे के नीचे से होकर गुजरेगा. इसके लिए जमीन अधिग्रहण किया जाएगा. साथ ही एरका कॉलोनी से धनीबार और पोला तक एनएच-139 को भी चौड़ा किया जाएगा. ओबरा बाजार के लिए अलग बाईपास और अंबा-नबीनगर रोड पर अंडरपास की योजना भी तैयार की गई है.
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गेमचेंजर साबित होगा
अगर यह परियोजना तय समय पर मंजूर होकर बन जाती है तो औरंगाबाद, अंबा, रिसियप और ओबरा जैसे इलाकों में जाम से राहत मिल सकती है. यह प्रोजेक्ट जिले की कनेक्टिविटी, सुरक्षा और विकास के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है.
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