फुटपाथियों का सामान जब्त कर ट्रैक्टर से ले गये अफसर

औरंगाबाद न्यूज : शहर में अतिक्रमण के खिलाफ डीएसपी के नेतृत्व में सड़क पर उतरी फौज

औरंगाबाद न्यूज : शहर में अतिक्रमण के खिलाफ डीएसपी के नेतृत्व में सड़क पर उतरी फौज

अफरा-तफरी के बीच सामग्री लेकर भागते रहे फुटपाथी, मिली चेतावनी

प्रतिनिधि, औरंगाबाद ग्रामीण.

रविवार की शाम शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया. इस दौरान सड़क के किनारे अतिक्रमण कर लगाये गये ठेले, सब्जी व कपड़े की दुकानों समेत अन्य अतिक्रमणकारियों को हटाया गया. अभियान में ट्रैफिक डीएसपी मनोज कुमार खुद शामिल रहे. उनकी देखरेख में कई एसआइ व एएसआइ समेत जवानों की फौज कड़ी धूप में सड़क पर उतरी और अतिक्रमणकारियों पर सख्ती बरती. रमेश चौक से लेकर सब्जी मंडी तक अतिक्रमणकारियों के बीच हड़कंप की स्थिति रही. यूं कहें कि भगदड़ की स्थिति बन गयी. यातायात विभाग की पुलिस को देखते ही ठेले वालों, सब्जी व्यवसायियों, कपड़े दुकानदारों, फास्ट फूड के दुकानदारों के बीच अफरा-तफरी का माहौल रहा. अभियान में नगर परिषद के कर्मचारी भी मौजूद रहे. बड़ी बात यह रही कि कल तक फुटपाथ पर अतिक्रमण को लेकर चुप रहने वाले अधिकारी बुलडोजर लेकर सड़क पर उतरे थे. कड़ी धूप में फुटपाथ से अतिक्रमण हटाया. रमेश चौक से लेकर मुख्य बाजार तक सड़क के किनारे लगी दुकानों को हटाया गया और उनके सामानों को भी जब्त किया गया.

अफसरों ने दी चेतावनी

फुटपाथी दुकानदारों को अधिकारियों ने चेतावनी भी दी. हालांकि, ट्रैफिक डीएसपी समेत अन्य जवानों को अतिक्रमणकारियों से सामना भी करना पड़ा. दुकानदारों व जवानों के बीच बहसबाजी भी हुई. जब यातायात विभाग की टीम नगर परिषद के कर्मियों के साथ कार्रवाई करने सड़क पर उतरी, तो कुछ लोग सड़क पर पूरी व्यवस्था के साथ दुकान सजाये हुए थे. जब जवानों ने दुकानों को हटाना शुरू किया, तो बहसबाजी शुरू हो गयी. जवानों व कर्मियों की ओर से सामान को उठाकर ट्रैक्टर की ट्रॉली में डाल दिया गया. इसके बाद दुकानदारों ने विरोध जताया.

दुकानदारों का कटा चालान

जानकारी मिली कि कुछ दुकानदारों का चालान भी काटा गया और कार्रवाई करने की बात कही गयी. ज्ञात हो कि औरंगाबाद मुख्यालय का मुख्य बाजार अतिक्रमण और जाम की समस्या से जूझ रहा है. हर दिन लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ता है. अक्सर स्कूली बस जाम में फंसे रहते हैं, जिससे बच्चों को परेशानी होती है. हालांकि, अतिक्रमण की समस्या का स्थायी तौर पर हल नहीं निकाला जा रहा है. फुटपाथियों को बसाने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं बनायी गयी है. ऐसे में अभियान पर भी कभी-कभी सवाल खड़ा हो जाता है. वैसे इसका असर नाम मात्र का ही होता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sujit kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >