पीएनबी को स्वाइप मशीन के लिए मिले 100 से अधिक आवेदन
औरंगाबाद : सदरनोटबंदी के तीन महीने बाद अर्थव्यवस्था को सुधारते हुए जिले के तमाम बैंक इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा बहाल करने में लगे हैं.कैशलेस व्यवस्था बनाने के लिए बैंक मोबाइल बैंकिंग व इंटरनेट बैंकिंग को बढ़ावा दे रही है, जिससे लोगों को भी शॉपिंग आदि के दौरान रुपये भुगतान करने में सहायता मिल रही है. अब लोगों को इस सुविधा में सहूलियत मिल रही है, क्योंकि पहले जहां लोग अपने बटुए में रुपये भर कर शॉपिंग के लिए निकला करते थे, उन्हें इ वॉलेट आसान लगने लगा है. जो लोग कैशलेस की ओर अपना कदम बढ़ा रहे हैं, वो संतुष्ट तो है, पर कहीं -कहीं लोगों में इसके प्रति पूरी जागरूकता नहीं रहने के कारण थोड़ी परेशानी भी हो रही है. इसके अलावे इंटरनेट व मोबाइल बैंकिंग की व्यवस्था डेबिट व क्रेडिट कार्ड को स्वाइप करने के अलावा भी विकल्प दे रही है.
क्योंकि जिले के सभी दुकानों में पॉस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनें उपलब्ध नहीं है, जिसकी वजह से कभी-कभी शॉपिंग के दौरान डेबिट व क्रेडिट कार्ड रहने के बावजूद भुगतान नहीं हो पाता है, ऐसे में बैंक भी इ-वॉलेट की सुविधा के प्रति उपभोक्ताओं को जागरूक कर रहा है.
डिमांड के अनुसार पॉश मशीनों की नहीं हो पा रही सप्लाई : जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक आनंद कुमार वाजपेयी ने बताया कि जिले में कैशलेस व्यवस्था बहाल करने के लिए बैंकों की ओर से उपभोक्ताओं को जागरूक किया जा रहा है. इसके अलावे कैशलेस पर कार्यक्रम आयोजित कर उपभोक्ताओं को इंटरनेट व मोबाइल बैंकिंग की जानकारी दी जा रही है. कैशलेस व्यवस्था से ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं को जोड़ने के लिए उन्हें मोबाइल एप की जानकारी दी जा रही है. पंजाब नेशनल बैंक के पीएनबी यूपीआइ, पीएनबी मोबाइल व पीएनबी किटी एप इसमें उपभोक्ताओं को मदद कर रही है.
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के पास जिस हिसाब से डेबिट व क्रेडिट कार्ड उपलब्ध हैं, उसकी अपेक्षा दुकानों में स्वाइप मशीनों की कमी है. जिले के कुछ दुकानदारों को पॉस मशीनें उपलब्ध करायी गयी हैं और 100 से अधिक आवेदन पॉस मशीनों के लिए पीएनबी को मिले हैं, पर आवेदन की तुलना में पॉस मशीनों की सप्लाई नहीं हो पा रही है. इस सुविधा के अलावे इ-वॉलेट इंटरनेट बैंकिंग का बेहतर विकल्प साबित हो रही है.
इ-वॉलेट के लिए कर रहे ग्राहकों को प्रेरित
शहर के पुरानी जीटी रोड मालती कॉम्प्लेक्स स्थित केनरा बैंक के प्रबंधक सुभाष कुमार भगत बताते हैं कि बगैर किसी तरह की नकदी के ही लेनदेन इ-वॉलेट के मदद से किया जा सकता है.
बस एंड्रायड मोबाइल फोन और इ-वॉलेट एप होना जरूरी होता है. ग्राहक के पास अगर ये सुविधा है, तो शॉपिंग में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आती. उन्होंने बताया कि इ-वॉलेट का उपयोग करने वालेलोगों को कार्ड स्वाइप करने का भी कोई झंझट नहीं होता. इसके अलावे पेमेंट करते समय कार्ड की जानकारी दिये जाने से भी ग्राहकों को मुक्ति मिलती है और डेबिट अथवा क्रेडिट कार्ड का पिन नंबर भी नहीं बताना पड़ता है. उन्होंने बताया कि किसी भी तरह की टिकट आदि की खरीदारी पर सीधे एकाउंट से पैसे कट जाते हैं.
गुगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें इ-वॉलेट
बैंक के पदाधिकारी ने बताया कि 20 से ज्यादा इ-वॉलेट एप उपयोग में लाये जा रहे हैं. फिलहाल देश में तीन तरह के इ-वॉलेट हैं. क्लोज्ड, सेमी क्लोज्ड और ओपेन. इ-वॉलेट के उपयोग के लिए किसी भी व्यक्ति को गूगल प्ले स्टोर में जाकर अपने पसंदीदा एप का चयन करना होता है और उसे डाउनलोड करना होता है.
डाउनलोड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उस एप को अपने निबंधित मोबाइल नंबर और इमेल से जोड़ना होगा, इसके बाद ही इ-वॉलेट मोबाइल पर सक्रिय होगा. ये सुविधा लोगों के बचत खाते से जुड़ी है. इसकी वजह से किसी भी ट्रांजेक्शन के लिए डेबिट अथवा क्रेडिट कार्ड को निकालने का झंझट नहीं होता है. बस अपने मोबाइल पर उपलब्ध एम पिन के जरिये किसी भी तरह के लेन-देन की प्रक्रिया को पूरा किया जा सकता है.
