दुखद. औरंगाबाद-पटना मुख्य मार्ग पर पहले से खड़े ट्रक में यात्री बस ने मारी टक्कर
परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा
औरंगाबाद नगर : औरंगाबाद-पटना रोड में चित्रगोपी गांव के समीप यात्रियों से भरी सिटी राइड बस एक खड़े ट्रक से टकरा गयी. इस घटना में नवादा पीएचसी में कार्यरत डाॅ ओबैदुल्ला सहित तीन लोगों की मौत हो गयी, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग जख्मी हो गये. मिली जानकारी के अनुसार औरंगाबाद शहर के रमेश चौक से सोमवार की सुबह 5:15 बजे सिंहलोक बस बीआर 26ए-9761 यात्रियों को लेकर अनुग्रह नारायण स्टेशन जा रही थी. इसी बीच चित्रगोपी गांव के समीप सड़क पर पूर्व से खराब पड़े एक ट्रक से बस टकरा गयी.
टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि बस में सवार लोग सड़क पर भी जा गिरे. इस घटना में देव के बालापोखर निवासी मो सिकंदर, कुटुंबा के बसडीहा गांव निवासी प्रमोद सिंह की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि गंभीर रूप से जख्मी ओबरा के बभंडीहा निवासी डाॅ ओबैदुल्ला की मौत सदर अस्पताल में इलाज के दौरान हो गयी. इस घटना में देव के भंडारी निवासी जयराम कुमार, जयप्रकाशनगर के रामनरेश प्रसाद वर्मा, शाहपुर के रंजन कुमार, रीतिक कुमार, भरत प्रसाद, धरनीधर रोड के रंजीत प्रसाद, मटिहानी के असनारायण सिंह, पांडेयपुर के मृत्युंजय कुमार, रामाबांध के जीवन कुमार गंभीर रूप से जख्मी हो गये. सभी का इलाज सदर अस्पताल में किया गया. जख्मियों ने स्पष्ट तौर पर कहा कि दुर्घटना चालक की लापरवाही के कारण हुई.
डयूटी पकड़ने के लिए जा रहे थे ओबैदुल्ला
नवादा पीएचसी में कार्यरत डा ओबैदुल्ला वैसे तो मूल रूप से ओबरा के बभंडीहा गांव के रहने वाले थे, लेकिन वर्तमान में अपने परिवार के साथ औरंगाबाद शहर के अजमेरनगर में रह रहे थे. कुछ दिन पहले ही छुट्टी पर अपने घर आये हुए थे. सोमवार को डयूटी ज्वाइन करने के लिये सुबह-सुबह सिटी राइड बस से अनुग्रह नारायण स्टेशन जा रहे थे.
सदर अस्पताल में हंगामा : नवादा पीएचसी में कार्यरत डॉ ओबैदुल्ला जख्मी हालत में सदर अस्पताल पहुंचे थे. उनका इलाज भी हुआ, लेकिन लगभग दो घंटे तक इलाज और रेफर करने के चक्कर में उनकी मौत हो गयी. डाॅ ओबैदुल्ला की मौत के बाद परिजन आक्रोशित हो गये और अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया. मृतक की पत्नी निकहत परवीन, पुत्र असदुल्ला व अन्य परिजनों ने कहा कि अस्पताल के नाम पर यहां खानापूर्ति होती है. अगर डॉक्टर साहब को जल्द रेफर कर दिया जाता, तो उनकी जान बच सकती थी. हंगामा व घटना की सूचना पाकर नगर थाना की पुलिस पहुंची और कुछ समाजसेवियों की सहायता से स्थिति पर नियंत्रण पाया.
औरंगाबाद शहर :शहर के नजदीक से गुजरा राष्ट्रीय राज मार्ग दो और एनएच 98 मौत का सौदागर बन चुके हैं. यहां आये दिन किसी न किसी की मौत सड़क हादसे में हो रही है. सिर्फ दो दिन के भीतर आठ लोगों की मौत हो गयी. सोमवार की सुबह औरंगाबाद-पटना सड़क में एक डॉक्टर सहित तीन लोगों की मौत हो गयी. ठीक इस घटना के 24 घंटे पहले यानी रविवार की सुबह औरंगाबाद-पटना रोड में ही जगदीशपुर गांव के समीप खराब पड़े ट्रैक्टर से ऑटो की टक्कर हुई थी, जिसमें एक छात्रा और ऑटो चालक की मौत हो गयी थी. राष्ट्रीय राज मार्ग दो पर रविवार की रात बर्डी मोड़ के समीप रामप्रताप सिंह नामक व्यक्ति की मौत हो गयी. यानी दो दिनों के भीतर आठ मौत से औरंगाबाद दहल उठा. वैसे यह कोई नयी बात नहीं है,लेकिन मौत के पीछे कारणें बहुत है. कुछ घटना के पीछे प्रशासनिक लापरवाही दिखती है तो कुछ घटना के पीछे वाहन चालकों की.
