मनोरा की प्राचीन बुद्ध मूर्ति उपेक्षा की शिकार

ओबरा : प्रखंड के मनोरा गांव स्थित भव्य बुद्ध की प्रतिमा उपेक्षित है. बुद्ध की विशाल प्रतिमा गुप्त काल की मूल धरोहर है. इस प्रतिमा के बारे में बताया जाता है कि गौतम बुद्ध बोधगया से ज्ञान प्राप्त कर सारनाथ जा रहे थे, उसी यात्रा के क्रम में उसका पड़ाव मनोरा गांव में हुआ था. […]

ओबरा : प्रखंड के मनोरा गांव स्थित भव्य बुद्ध की प्रतिमा उपेक्षित है. बुद्ध की विशाल प्रतिमा गुप्त काल की मूल धरोहर है. इस प्रतिमा के बारे में बताया जाता है कि गौतम बुद्ध बोधगया से ज्ञान प्राप्त कर सारनाथ जा रहे थे, उसी यात्रा के क्रम में उसका पड़ाव मनोरा गांव में हुआ था.
इसी कारण यहां छह फीट ऊंची बुद्ध प्रतिमा स्थापित की गयी थी. वर्षों तक स्थानीय लोग किसी हिंदू देवता की प्रतिमा समझ कर पूजा अर्चना किया करते थे. काफी बाद में इस मूर्ति की पहचान गंधार शैली में बनी बुद्ध प्रतिमा के रूप में की गयी थी. लोगों का कहना है कि यह मूर्ति स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन की उपेक्षा की शिकार है. पूर्व मुखिया सिद्धेश्वर सिंह, धर्मेंद्र कुमार, मिहिर शर्मा, मनोज शर्मा ने बताया कि प्रतिमा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है और न ही से बुद्ध पर्यटन सर्किट से जोड़ने का काम ही किया जा रहा है. इस क्षेत्र को पर्यटन स्थल का दर्जा दिलाने के लिए कई बार मांग की गयी, इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. लोगों ने जिला पदाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए संसाधन की सुविधा व भवन मुहैया कराने की मांग की है.

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