दुर्गंध से लोगों का रहना खाना मुश्किल, ध्यान नहीं दे रही सफाई एजेंसी
शिकायत करने पर भी नहीं सुनते कर्मचारी
औरंगाबाद सदर : कहा जाता है कि सोये को जगाया जा सकता है, पर जिसने सोने का नाटक किया हो, उसे जगाया नहीं जा सकता. कुछ यही हाल नगर पर्षद का है. नगर पर्षद क्षेत्र के वार्डों में सफाई एजेंसियां ईमानदारी से काम नहीं कर रही हैं. शहर के विभिन्न वार्डों की समस्या मुख्य तौर पर गंदगी है.
सड़कों व नालियों की सफाई पर किसी का ध्यान नहीं है. यहां की स्थिति इतनी बदतर है कि महीने में एकाध बार ही नप के सफाई कर्मचारी वार्डों में पहुंचते हैं. सभी वार्डों में गंदगी पसरी है. शहर के धर्मशाला चौक स्थित वार्ड नंबर 29 की तसवीर कुछ यही बयां करती है. वार्ड के लोगों का कहना है कि यहां महीने भर से सफाई नहीं हुई है. यहां की नालियां जाम हो गयी हैं. इसके चलते गंदा पानी घर के आंगन तक पहुंच जाता है. इस वार्ड के महुआ शहीद मजार से होकर जानेवाले रास्ते के बीचोबीच पड़नेवाली नाली जाम है. उसका पानी सड़कों पर बह रहा है. रास्ते के आसपास फेंके कचरे अब टिल्हे का रूप लेने लगे हैं.
वार्ड में नियमित सफाई करायी जाती है, पर कुछ लोगों में जागरूकता की कमी होने के कारण वे कचरे को नाली में डाल देते हैं. इसके कारण नाली जाम हो जाती है. सप्ताह में एक दिन नाली की सफाई करायी जाती है. एक सप्ताह के अंदर धर्मशाला चौक, पुरानी जीटी रोड से महुआ शहीद तक पीसीसी सड़क व नाली बनाने का काम शुरू होने वाला है. इसके बनते ही लोगों की यह समस्या खत्म हो जायेगी. जितेंद्र कुमार, पार्षद-वार्ड नंबर-29
