सेविकाओं ने मानदेय बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
पीएम का फूंका पुतला, योजना राशि में कटौती का किया विरोध
औरंगाबाद नगर : केंद्र सरकार की नीतियों को गलत बताते हुए शुक्रवार को बिहार राज्य आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका संघ के कार्यकर्ताओं ने जम कर प्रदर्शन किया और लगभग एक घंटे तक रमेश चौक को जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली व कल्याण मंत्री मेनका गांधी के खिलाफ आक्रोश जताते हुए तीनों का पुतला भी फूंका.
प्रदर्शन व पुतला दहन कार्यक्रम का नेतृत्व संघ के जिलामंत्री डैजी ने किया. संबोधित करते हुए डैजी ने कहा कि केंद्र की सरकार जनविरोधी और गरीबविरोधी नीति अपना रही है. इसके कारण आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और कल्याणकारी योजनाओं से लोगों को वंचित होना पड़ रहा है. भारत में पोलियो, कुपोषण से मुक्तिदिलाने में सेविका- सहायिकाओं ने अहम भूमिका निभायी, लेकिन काम के अनुसार सरकार से मजदूरी नहीं मिल पा रही है.
एक तरफ मजदूरी करनेवाले लोगों को कम से कम 300 रुपए प्रत्येक दिन देने की बात सरकार कह रही है. दूसरी तरफ, दिन-रात मेहनत करने पर तीन हजार रुपया महीना मानदेय के रूप में मिल रहा है. यह सरकार की कौन सी नीति है. बजट 1800 से घटा कर 800 करोड़ कर दिया गया है. अबला जैसे कल्याणकारी योजना को बंद कर दिया जा रहा है.
अगर हमारी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो हमारा आक्रोश का रूप विकराल होगा. पुतला दहन कार्यक्रम में रविंद्र कुमार सिंह, मृत्युंजय कुमार सिंह, पंकज कुमार, बसंती देवी, प्रमिला कुमारी, संजू कुमारी, संजू बाला, गुड़िया कुमारी, सुचिता कुमारी, रेणु सिन्हा ,सरस्वती देवी, पुष्पा कुमारी, लीलावती कुमारी, अर्चना कुमारी, बिंदा कुमारी, अनिता कुमारी सहित सैकड़ों लोग शामिल थे़
