दुर्गंध से राह चलना हुआ मुश्किल

औरंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद शहर अदरी नदी तट पर बसा है. शहर के पूर्वी भाग से निकली इस नदी के जल का आज भी लोग पूजा पाठ, यज्ञ, अनुष्ठान के उपयोग में लाते हैं. जब भी शहर या शहर के आस-पास यज्ञ का आयोजन किये जाते हैं. जलभरी अदरी के तट से ही की जाती […]

औरंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद शहर अदरी नदी तट पर बसा है. शहर के पूर्वी भाग से निकली इस नदी के जल का आज भी लोग पूजा पाठ, यज्ञ, अनुष्ठान के उपयोग में लाते हैं. जब भी शहर या शहर के आस-पास यज्ञ का आयोजन किये जाते हैं. जलभरी अदरी के तट से ही की जाती है, लेकिन दूखद यह है कि इस नदी के निर्मल जल को शहर के ही लोग दूषित कर रहे हैं.
शहर से नदी का जितना भाग गुजरा है, हर तरफ कूडे, कचरे नदी में ही फेंके जाते हैं. अब तो लोग घर में मरने वाले पालतू पशुओं को भी नदी में ही फेंकते हैं. स्थिति यह हो गयी है कि नदी का पूरा जल दूषित हो गया है और लोगों को धार्मिक आयोजन में शुद्ध नदी या तालाब के जल के लिए परेशानी यह हो रही है कि आखिर जल कहां से लायें. यह समस्या तो हुई धार्मिक आयोजनों के लिए. दूसरी समस्या यह है कि यह नदी के ऊपर से पुराना जीटी रोड गुजरा है.
नदी के उपर बने पुल के दोनों तरफ से लोग कचरा फेंक देते हैं, जिससे नदी के पानी में कचरा सन कर दुर्गंध निकल रहे हैं. राह चलने वाले इस दुर्गंध से परेशान तो हैं ही, सुबह के समय सैर करने के लिए जब लोग इस रास्ते से गुजरते हैं, तो उन्हें स्वच्छ हवा की जगह दुर्गंध भरी हवा मिलती है. लोग किसी प्रकार मुंह पर तौलिया या रूमाल ढंक कर नदी को पार करते हैं, और मन ही मन इस कुव्यवस्था को कोसते जाते हैं.
सुबह में मॉर्निंग वाॅक करनेवाले कुछ लोगों द्वारा जानकारी दी गयी कि वे सुबह में घूमना बंद कर दिये हैं और घर के आस-पास से ही किसी प्रकार टहला करते हैं. यह स्थिति है औरंगाबाद शहर से होकर गुजरी अदरी नदी का.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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