औरंगाबाद कार्यालय : ईश्वर में भक्ति और ईश्वर के प्रति विश्वास जिसने किया, उसका जीवन सफल हो गया. आज भी ईश्वरीय शक्ति सबसे बड़ी शक्ति है. ईश्वर की कृपा जिस पर बरसती है, वह भाग्यवान है और जो ईश्वर के कृपा से वंचित रह गया, उसका जीवन निरर्थक व्यतीत होता है. यह कहना है जाने-माने कथावाचक श्रीविष्णुचितजी महाराजजी का. उन्होंने ये बातें औरंगाबाद शहर के अदरी नदी पावन तट पर प्रवचन के दौरान कहीं. यहां 11 से 17 दिसंबर तक श्रीमदभागवत कथा का आयोजन किया गया है.
आयोजन के दूसरे दिन संध्या बेला में प्रवचन के दौरान महाराज जी ने आगे कहा कि श्रीमद भागवत कथा एक ऐसा महान ग्रंथ है ,जिनका श्रवण मात्र से जन्म-जन्मांतर का पाप धूल जाता है और जो श्रीमदभागवत कथा सुनने के उपरांत उसका उपदेश को ग्रहण करता है वह व्यक्ति कभी भी सत्यमार्ग से भटक नहीं सकता, क्योंकि श्रीमदभागवत कथा के हर शब्दों से अमृतवाणी की वर्षा होती है और इस अमृतवाणी से न केवल शरीर, बल्कि आत्मा तक परम पवित्र हो जाता है. कथावाचक ने श्रीमद्भागवत पुराण की चर्चा के दौरान आगे कहा कि यही एक ऐसी कथा, जिसमें प्राणी को मोक्ष प्रदान करने की शक्ति का संचार करता है. आज के परिवेश में इस महापुराण को घर-घर तक पहुंचाने की आवश्यकता है, क्योंकि लोग सही रास्ते से भटक कर अधर्म का रास्ता अपना रहे हैं.
