एटीएम के चक्कर लगाते रहे लोग

नाेटबंदी. लगातार 48 घंटे बैंक बंद रहने से बाजार में हुई कैश की किल्लत परेशानी में डाल रहा दो हजार का गुलाबी नोट औरंगाबाद सदर : नोटबंदी के एक महिना बाद भी शहर के एटीएम की व्यवस्था ठीक नहीं हो सकी है. अधिकांश एटीएम अब भी सिर्फ स्लीप ही उगल रहे है. कैश की क्रैशिश […]

नाेटबंदी. लगातार 48 घंटे बैंक बंद रहने से बाजार में हुई कैश की किल्लत

परेशानी में डाल रहा दो हजार का गुलाबी नोट
औरंगाबाद सदर : नोटबंदी के एक महिना बाद भी शहर के एटीएम की व्यवस्था ठीक नहीं हो सकी है. अधिकांश एटीएम अब भी सिर्फ स्लीप ही उगल रहे है. कैश की क्रैशिश अब भी एटीएम पर दिखती है. दो दिन बैंको के बंद रहने के कारण जब लोग अपने जरूरत के रूपये निकालने एटीएम पर पहुंचे तो कहीं दो हजार के नोट एटीएम उगल रहे थे तो कहीं एटीएम का शटर गिरा हुआ मिला. दो हजार के गुलाबी नोट पूरा का पूरा तो चल जा रहा है, पर जब कोई इससे कम मूल्य का समान खरीदना लोगों को पड़ रहा है, तो यह गुलाबी नोट लोगों को परेशानी में डाल रहा है. 48 घंटे तक बैंको के बंद रहने के कारण रविवार की शाम शहर के प्रमुख एटीएम में भी कैश की किल्लत हो गयी थी. जो लोग एटीएम पर पैसे के लिये लाइन लगा कर खड़े थे उन्हें भी रूपये नहीं मिले जिसके कारण लोगों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा. शहर के एमजी रोड,क्लब रोड, पुरानी जीटी रोड आदि जगहों पर लगे एटीएम से रुपये नहीं निकल सके.
खुदरे के लिए भटक रहे हैं लोग : शहर में विभिन्न बैंकों के लगे एटीएम में ज्यादातर दो हजार और सौ के नोट ही डाले जा रहे है,जिसके कारण कैश की किल्लत हो जा रही है. जब इस पर कुछ बैंक के मैनेजर से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि एटीएम में दो सिफ्टो में पैसा डाला जा रहा है. शनिवार और रविवार को बैंक बंद रहने के कारण कैश की किल्लत हो गयी होगी.जब लोग एटीएम से दो हजार रूपये निकाल कर अपने जरूरत के समान खरीदने बाजार में पहुंच रहे है तो उन्हें अब भी उसका खुदरा नहीं मिल रहा.एटीएम में 100 के नोट कम डाले जाने के कारण लोगों की यह परेशानी दूर नहीं हो रही है. शहर के एसबीआई ,पीएनबी, केनरा, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक के एटीएम से लोगों को रुपये तो मिल रहे है,पर यहां से भी ज्यादातर लोगों को दो हजार के नोट एटीएम से निकल रहे है.
कैशलेश हो रहे हैं व्यवसायी : कैश की क्रैशिश और खुदरे रूपये के अभाव में अधिकांश व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में अब स्वाइप मशीन दिखने लगा है. शहर के व्यवसायी धीरे-धीरे कैशलेश व्यवस्था की ओर रूख कर रहे है,ताकि उपभोक्ताओं को खरीदारी में कोई परेशानी न हो . शहर के प्रतिष्ठित स्वीटस कार्नर कान्हा स्वीटस में यह व्यवस्था हाल फिलहाल में लागू की गयी. दुकान के संचालक संजीव कुमार सिंह बताते है कि 200 या 400 रूपये की खरीदारी पर लोग जब दो हजार का नया नोट दे रहे थे, तो उन्हें खुदरा रूपये लौटाने में परेशानी हो रही थी. ऐसे उपभोक्ताओं की तादाद धीरे-धीरे बढ़ने लगी थी इनके अलावे शहर के कपड़ा व्यवसायी,मॉल, पेट्रोल पंप सहित अन्य जगहोंे पर भी सुविधा बढ़ते दिख रही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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