बिरसा मुंडा आर्चरी एसोसिएशन के मुख्य कोच ने लिया जायजा
औरंगाबाद सदर : सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज में अब तीरंदाजों की एक नयी फौज खड़ी होगी. सिन्हा कॉलेज के प्राचार्य डाॅ ओम प्रकाश सिंह की पहल पर रविवार को बिरसा मुंडा आर्चरी एसोसिएशन की एक टीम ने सिन्हा कॉलेज का दौरा किया. रांची से आयी चार सदस्यीय टीम ने तीरंदाजी के लिए सिन्हा कॉलेज के प्ले ग्राउंड का निरीक्षण किया.
इस दौरान निरीक्षण टीम में शामिल मुख्य कोच प्रकाश राम व शिशिर महतो ने कहा कि औरंगाबाद का सिन्हा कॉलेज बिहार व झारखंड का सबसे बड़ा आर्चरी ग्राउंड के रूप में सामने आयेगा, जहां राष्ट्रीय स्तर के खेल का आयोजन भी संभव हो पायेगा. सिन्हा कॉलेज में तीरंदाजों की नयी पौध खड़ी होने से वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना प्रदर्शन कर सकेंगे, जिससे आर्चरी के क्षेत्र में कॉलेज के साथ-साथ विश्वविद्यालय का नाम होगा.
उन्होंने कहा कि अगर बच्चों को कॉलेज की ओर से संसाधन उपलब्ध करा दिये जाएं, तो इससे खिलाड़ियों का मनोबल भी बढ़ेगा. निरीक्षण दल ने सिन्हा कॉलेज के खेल पदाधिकारी योगेंद्र सिंह को निर्देश देते हुए कहा कि सिन्हा कॉलेज के खेल मैदान में पहले 40 मीटर का एक रैंप बनाते हुए उस पर शेड लगाया जाए. इसके बाद टारगेट के टास्क को पूरा किया जायेगा. निरीक्षण दल में शामिल पदाधिकारियों ने कॉलेज को आश्वस्त करते हुए आर्चरी खेल का उद्घाटन जनवरी माह में करने का आश्वासन दिया है. इधर, खेल पदाधिकारी योगेंद्र सिंह ने कहा कि आर्चरी को सिन्हा कॉलेज प्राथमिकता देगी और बच्चों को संसाधन भी उपलब्ध कराये जायेंगे. इसकी तैयारी अब से ही सिन्हा कॉलेज में की जा रही है. खेल मैदान में मिट्टी की भरावट की जा रही है.
इसके बाद आर्चरी के लिए रैंप व शेड भी बनाये जायेंगे. टीम में सिन्हा कॉलेज के जिम, हॉस्टल, ऑडिटोरियम व कैंपस का भी जायजा लिया. इस मौके पर संस्था ह्यूमनिटी के सचिव ओमप्रकाश, राजीव रंजन सिंह, पप्पू सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
