सहियार कैंप से होगा नक्सलियों का खात्मा

ग्रामीण की मौत के बाद एसपी ने कड़े कदम उठाने की बातें कहीं औरंगाबाद : जिस नक्सली संगठन का गठन आम जनता को न्याय दिलाने व उनके हमदर्द बनने के लिए हुआ था, आज उस संगठन के लोग ही आम जनता के साथ अन्याय कर रहे हैं. कभी उन्हें पुलिस की मुखबिर बता कर मौत […]

ग्रामीण की मौत के बाद एसपी ने कड़े कदम उठाने की बातें कहीं
औरंगाबाद : जिस नक्सली संगठन का गठन आम जनता को न्याय दिलाने व उनके हमदर्द बनने के लिए हुआ था, आज उस संगठन के लोग ही आम जनता के साथ अन्याय कर रहे हैं. कभी उन्हें पुलिस की मुखबिर बता कर मौत के घाट उतार दिया जाता है, तो कभी भोजन-पानी की व्यवस्था नहीं करने को लेकर सरेआम उनकी पिटाई की जाती है.
मदनपुर के दलेल बिगहा नहर पर ग्रामीण अवधेश सिंह भोक्ता की हत्या के बाद नक्सलियों की गलत मंशा व करतूत भी उजागर हुई हैं. अवधेश सिंह भोक्ता की हत्या के पीछे जो पुलिस ने दलील दी हैं, उसके अनुसार इस घटना को शारीरिक भूख मिटाने के लिए अंजाम दिया गया है.
अवधेश अपने परिवार के साथ पिछले दो साल से पचरूखिया गांव में रह कर बटाई पर खेती व पशुपालन का काम कर रहा था. पास में ही उसका अपना गांव चिलमी था, जहां समय-समय पर वह पूरे परिवार के साथ जाता था. किसी तरह अपने चार बच्चों की परवरिश के लिए छोटे-मोटे काम कर रहा था. इसी बीच पचरूखिया गांव में नक्सली संगठन के शीर्ष नक्सलियों की नजर अवधेश की पत्नी क्रियांती देवी पर गयी. पति के विरोध के बावजूद पत्नी के साथ आठ से 10 बार यौन शोषण हुआ. ये बातें क्रियांती ने एसपी के समक्ष भी कहीं.
पति इसका लगातार विरोध कर रहा था. यही नक्सली नेताओं के आक्रोश का कारण बना व फिर हवस में बाधक बन रहे पति को हटाने की योजना बना डाली. नक्सलियों को पता चला कि अवधेश अपनी पत्नी व बच्चों को चिलमी गांव छोड़ वापस पचरूखिया लौटा है, तो बुधवार की रात उसे पकड़ लिया और उसे गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी. वैसे पूर्व में भी अवधेश को हत्या की धमकी दी गयी थी.
पुलिस मुखबिर का हुआ सफाया : भाकपा माओवादी
अवधेश सिंह भोक्ता के शव के पास से कई नक्सली पोस्टर पुलिस ने बरामद किये है. पोस्टर से माओवादी संगठन ने स्पष्ट किया है कि एसपी, सीआरपीएफ व कोबरा कमांडेंट, डिप्टी कमांडेंट, मदनपुर थानाध्यक्ष का मुखबिर अवधेश भोक्ता का सफाया किया गया है. आम जनता इन पदाधिकारियों के बहकावे में आकर चंद पैसे के लोभ में बेवजह जान मत गंवाये. अमीरी-गरीबी की लड़ाई में जनता कूद पड़े. अवधेश भोक्ता झांकी है, बहुत से दलालों (एसपीओ) का सफाया बाकी है.
गांव-गांव में पुलिस मुखबिर का सफाया कर एसडीएस, पीएमएस, केकेसी व सूचना तंत्र को मजबूत करें. क्रांतिकारियों की हत्या करने वाला हत्यारा एसपी बाबूराम को आम जनता मार गिराये. निर्दोष जनता को झूठा केस में फंसा कर मदनपुर दारोगा श्याम किशोर सिंह, देव थाना प्रभारी प्रमोद मिश्रा को आम जनता मार गिराये. नक्सलियों ने पोस्टर में यह भी कहा है कि मोबाइल से सूचना देने वाले पुलिस दलालों को चिह्नित कर लिया गया है. सभी सावधान हो जाये.

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