मृतका की मां ने कहा, रात में सदर अस्पताल से रेफर कर दिये जाने पर कुछ समझ नहीं आया कि क्या करें
औरंगाबाद (ग्रामीण) : सदर अस्पताल में खून के अभाव में इलाज के दौरान एक 30 वर्षीय महिला लालती देवी की मौत हो गयी. यह घटना बुधवार सुबह की है. मृतका सोनी गांव निवासी अशोक पासवान की पत्नी थी. वह फिलहाल अपने मायके जसोइया में रह रही थी. वह पांच माह की गर्भवती भी थी.
मंगलवार की शाम तबीयत खराब होने के बाद परिजनों ने उसे सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड में लाये. अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने खून की कमी बता कर महिला को बड़े अस्पताल रेफर किया था. लेकिन, परिजन महिला का इलाज अस्पताल में ही कराना चाहते थे. इसके पीछे आर्थिक स्थिति काफी कमजोर होना बताया जा रहा है.
राम में ड्यूटी पर रही महिला चिकित्साकर्मियों ने कहा कि महिला को खून की कमी थी. महज तीन ग्राम जांच के दौरान पाया गया था. इस वजह से बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया था. लेकिन, परिजन महिला को नहीं ले गये. रात में स्थिति और बिगड़ गयी, जिससे उसकी मौत हो गयी. इधर, बुधवार की सुबह सदर अस्पताल परिसर में बेटी की मौत के बाद बिलखती हुई मां जिरमनिया कुंवर ने बताया कि अस्पताल के चिकित्सक व चिकित्साकर्मियों की लापरवाही से लालती की मौत हुई. यहां गरीबों के लिए कोई इलाज नहीं है.
उन्होंने आरोप लगाया कि जब उसकी स्थिति अधिक बिगड़ गयी, तो आनन-फानन में उसे रेफर कर दिया गया. रात में रेफर करने के बाद कुछ समझ नहीं आया कि क्या करें. इस संबंध में सदर अस्पताल के मैनेजर हेमंत राजन ने कहा कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई है. खून की कमी के कारण उसे रेफर किया गया था.
