हर बात को लेकर पति-पत्नी में होती थी झड़प

देवकुंड : गोह प्रखंड के डहरू बिगहा गांव में पति की प्रताड़ना से तंग आकर मंजू देवी ने अपने मासूम बच्चों के साथ भले ही आत्महत्या का कड़ा निर्णय लिया हो, लेकिन इस घटना से कसूरवार को कोई सबक मिलने वाला नहीं है. मंजु ने अपनी घुटन को सामने न लाकर उसे हमेशा के लिए […]

देवकुंड : गोह प्रखंड के डहरू बिगहा गांव में पति की प्रताड़ना से तंग आकर मंजू देवी ने अपने मासूम बच्चों के साथ भले ही आत्महत्या का कड़ा निर्णय लिया हो, लेकिन इस घटना से कसूरवार को कोई सबक मिलने वाला नहीं है. मंजु ने अपनी घुटन को सामने न लाकर उसे हमेशा के लिए दबा दिया.
मंजू के साथ बेटे अभय की भी मौत हो गयी. बेटी ज्योति मौत से जूझ रही है. इस घटना की चारों ओर चर्चा हो रही है. ये अलग बात है कि मृतका के प्रति आम लोगों का व्यवहार सार्थक है. लेकिन, खुद गांव के लोगों का कहना है कि वह अपने पति व परिजन की करतूत को सामने लाकर चैलेंज करती या पुलिस के पास जाकर शिकायत करती. बेटे के साथ मां की आत्महत्या की पूरे जिले के लोगों को झकझोर कर रख दिया है.
पापा ने मारा था मम्मी को
उपहारा थाना क्षेत्र के डहरू बिगहा गांव में मंजु देवी हमेशा पति के प्रताड़ना का शिकार होती थी. यह कहना था उन पड़ोसियों का जो मंजू के घर के आसपास रहते है. घटना के बाद उपहारा थाना की पुलिस गांव पहुंची और पूरे मामले की गंभीरता से छानबीन की. मंजू की आठ वर्ष की बेटी स्वाती कुमारी से पुलिस ने थाने लाकर पूछताछ की. पता चला कि स्वाती ने कहा कि पापा दिनेश यादव हमेशा मम्मी को मारते पीटते थे. मंगलवार की दोपहर किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ और इसी क्रम में दिनेश ने मंजु की पिटाई की. इस घटना के बाद मंजु का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और आत्महत्या का कठोर निर्णय ले लिया.
सभी बच्चों के साथ मरना चाहती थी मंजु
पति से झगड़ने के बाद घर में रहे तीन साल के अभय, 12 साल की ज्योति को साथ लेकर मंजू घर के एक कमरे में घुस गयी. स्वाती की भी तलाश की,लेकिन स्वाती घर में झगड़ा होते देख बाहर निकल गयी. इसी बीच मंजु दोनों बच्चों के साथ खुद को केरोसिन डाल कर आग लगा ली. इसके पूर्व उसने कहा कि बच्चों को भी साथ लेकर जा रही हूं.
ग्रामीणों ने खिड़की तोड़ कर मां-बेटी को पहुंचाया अस्पताल
जैसे ही घर से धुंआ निकलना शुरू हुआ,वैसे ही आंगन में बैठी मंजू की सास सोनफुलवा देवी चिल्ला उठी .वृद्ध महिला की आवाज सुन कर गांव के लोग पहुंचे और मंजु के कमरे को तोड़ने की कोशिश की,लेकिन सफलता नहीं मिली. घर में ही ईंट के सहारे बने खिड़की को तोड़ा गया. तब जाकर जलते मंजू और उसकी बेटी ज्योति के आग को बुझा कर दोनों को अस्पताल भेजवाया गया.

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