औरंगाबाद(नगर) : शहर से लेकर गांव तक माहौल छठमय बना हुआ है. सोमवार को व्रतियों ने सरोवर, तालाब व नदी आदि में स्नान कर खीर व रोटी बना कर खरना किया. खरना के साथ ही निर्जला उपवास शुरू हो गया. खरना को लेकर देव स्थित सूर्य मंदिर तालाब, सोन नदी तट व अदरी नदी तट पर मेले सा माहौल रहा. छठ के पारंपरिक गीत गाते हुए व्रती तालाब, नदी व सरोवर पहुंचे व स्नान कर भगवान भास्कर की पूजा अर्चना की.
काफी संख्या में व्रतियों ने घर व कुंआ पर स्नान किया. मंगलवार को छठ व्रती अस्तलगामी भगवान भास्कर को अर्घ देंगे, जबकि बुधवार को प्रात: उदयगामी भगवान भास्कर को अर्घ देकर व्रत समाप्त करेंगे. लाखों की संख्या में छठ व्रती अपने-अपने वाहनों से देव पहुंचे. ग्रामीण क्षेत्रों में नदी, नाला,नहर, तालाब ,पोखर व सरोवर पर अर्घदान करेंगे. इसके लिए ग्रामीण द्वारा छठ घाट बनाया गया है.
केला 60, तो अंगूर बिका 150 रुपये किलो
छठ पर्व के पूजा सामग्रियों की खरीदारी करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बाजार में दिन भ् ार लगी रही. श्रद्धालुओं ने पहुंच कर वस्तुओं की खरीदारी की. दूसरे दिन भी वस्तुओं की कीमतो में उछाल देखा गया. इस बार मिटटी का चूल्हा 25 रुपये एवं ढक्कन 15 रुपये में बिका. सूप 60 रुपये, दउरा 100 रुपये तक बिके. फलों की कीमतों में भी उछाल देखा गया.केला 60 रुपये दर्जन, अंगूर 150 रुपये किलो, नाशपाती 120 रुपये किलो, सेव 120 रुपये किलो, शरीफा 120 रुपये किलो, संतरा 100 रुपये किलो, नारियल 30 रुपये पीस, अनारस 40 रुपये पीस, नींबू 10 रुपये पीस व ईख 20 रुपये जोड़ा तक बेचे गये.
